# hindishree.com > हिंदी हैं हम, वतन है हिन्दोस्तां हमारा... ## Posts - [डॉ. संगीता बलवंत ने किया विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री के स्टॉल का उद्घाटन](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/): हिंदी श्री के माध्यम से पूर्वांचल के लेखक वैश्विक फलक पर बना रहे पहचान – डॉ संगीता बलवंतडॉ संगीता बलवंत ने किया विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री के स्टॉल का उद्घाटनडॉ संगीता बलवंत ने छांव की तलाश, लेबर चौक और शिखर बीते लम्हे पुस्तकों का किया विमोचन नई दिल्ली, 11 जनवरी, विश्व पुस्तक मेला- 2026, हिंदी श्री पब्लिकेशन के स्टॉल पर हिंदी श्री पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों छांव की तलाश, लेबर चौक एवं शिखर: बीते लम्हें का विमोचन माननीया संगीता बलवंत, राज्य सभा सांसद व अन्य अतिथियों के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। विशिष्ट अतिथि वेद प्रकाश प्रजापति (महाप्रबंधक, […] - [आचार्य रामचंद्र शुक्ल जयंती विशेष](https://hindishree.com/%e0%a4%86%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a4%af/): मिर्जापुरमां विंध्यवासिनी की नगरी मिर्जापुर की मिट्टी,जल,वायु में पले, बढ़े हिंदी जगत के मूर्धन्य विद्वान साहित्य मनीषी आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी की कर्मस्थली रमईपट्टी मिर्जापुर रही, जहां पर आपने सन 1893 से 1908 (15 वर्षों) तक रहकर हिंदी को हिंदी का स्वरूप प्रदान किया l जो आज भी सराहनीय व प्रसंशनीय है l आपका जन्म शरद पूर्णिमा के दिन बस्ती जिला के अगौना ग्राम में सन 1884 में हुआ था l आपके पितामह (बाबा) का नाम पंडित शिवदत्त शुक्ल था, जो 1857 में अवध के नवाब आसफ उल्लाह के सेनापति थे l आपके पिता का नाम चंद्रबली शुक्ल था जो […] - [ब्रज लोक गीतों में बरसा ब्रज रस](https://hindishree.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9c-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%8d/): कला , साहित्य , संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार के सांस्कृतिक सृजन पखवाड़ा के अंतर्गत राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी, जयपुर और साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा के संयुक्त तत्वावधान में ब्रजभाषा लोकगीत कार्यक्रम का आयोजन 29 सितंबर सोमवार को साहित्य मंडल के प्रेक्षागृह में भव्य तरीके से आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी जयपुर की सचिव सुश्री प्रियंका राठौड़ ने मां शारदे के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्य मंडल संस्था के अध्यक्ष पंडित मदन मोहन शर्मा जी ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय पर्यावरण […] - [साहित्य चेतना समाज द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण](https://hindishree.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0/): संस्था के तत्वावधान में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण निम्नलिखित है- आयोजित होने वाली प्रतियागिताएँ संस्था के तत्वावधान में प्रति वर्ष सामान्य ज्ञान, निबन्ध, गणित, विचार-अभिव्यक्ति, चित्रकला, सामान्य हिन्दी ज्ञान, सामान्य अंग्रेजी ज्ञान, हिन्दी सुलेख, हिन्दी श्रुतलेख, अंग्रेजी सुलेख एवं अंग्रेजी श्रुतलेख प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है।प्रतियोगिताओं में भाग कैसे लें? इन प्रतियोगिताओं में संस्था द्वारा निर्धारित आवेदन-पत्र भरकर भाग लिया जा सकता है। सभी प्रतियोगिताएँ अलग-अलग समय पर होंगी। अतः सभी प्रतियोगिताओं में भाग लिया जा सकता है। प्रत्येक प्रतियोगिता हेतु अलग-अलग आवेदन-पत्र भरना होगा। आवेदन-पत्र उपलब्ध होने का स्थान आवेदन-पत्र […] - [अमानत](https://hindishree.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a4/): हम अमानत किसी और की थे, खुद को, कभी चाह ही ना सके उनको पाना था या स्वयं को खोना हिसाब इसका हम लगा ही ना सके किस्से जिनके कल हमनें सुने थे सुनकर उनको, भुला ही ना सके बातों से इश्क़, सबको कहाँ होता हम चेहरा उनका दिखा ही ना सके लिखने को बातें तो कई बनी, पर कुछ ख़्वाब दिल में सज़ा ही ना सके मुलाक़ात का वक़्त महसूस तो हुआ पर, किस्से लबों पर आ ही ना सके अब दिल ने जब से उनको बसाया, किसी और को फ़िर अपना ही ना सके हम अमानत किसी और […] - [प्रेमचंद को याद करते- करते कुछ जरूरी बातें | डॉ. हरेराम सिंह](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87/): प्रेमचंद को जीवन की गहरी समझ थी । प्रेमचंद को जीवन की गहरी समझ थी । आप ज्यों-ज्यों सयाने होंगे, आपके पास एक संवेदनशील हृदय है तो निश्चित ही इस जीवन का रहस्य साफ- साफ दिखाई देगा । मनुष्यता के ऊँचे शिखर पर बैठे प्रेमचंद्र का हृदय दीपक की भाँति जल रहा था और अँधेरे को रोशनी से भरते जा रहा था ताकि मनुष्य न भ्रम में रहे और न ही वह कोई तुच्छ हरकत करे । यही तो मनुष्यता है जो आपको हर बार रोकता है कुछ गलत करने से । आप किसी को झांसा नहीं दे सकते और […] - [बाल साहित्य में परीकथाओं की प्रासंगिकता | कृष्ण बिहारी पाठक](https://hindishree.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82/): बाल साहित्य चाहे किसी भी देश-काल, समाज – संस्कृति का हो और वह चाहे किसी भी विधा में उपस्थित हो, बाल साहित्य कहलाने के लिए उसमें दो प्राथमिकताएं अवश्य तय होनी चाहियें। प्रथम तो यह कि वह बालकों के लिए हितकर हो तथा दूसरी यह कि वह रुचिकर हो। हितकर का संबंध उन पहलुओं से है जो बालक – बालिकाओं के संज्ञानात्मक, नैतिक, सामाजिक, सृजनात्मक, तार्किक, भावात्मक और संवेदनात्मक विकास का समर्थन करते हैं और रुचिकर का संबंध मनोरंजन, आनंद, रहस्य, रोमांच और जिज्ञासा के पोषण से है। बाल साहित्य यदि हितकर नहीं होगा तो वह भविष्य के सर्वांगपूर्ण नागरिक […] - [विश्व भाषाओं की रैंकिंग में हिन्दी प्रथम स्थान पर  –  कुछ विचारणीय तथ्य | डॉ.  जयंती प्रसाद नौटियाल](https://hindishree.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ae/): प्रस्तावना : विश्व में हिन्दी की रैंकिंग के संबंध में यह  शोध 1981 में शुरू हुआ और 1983 में इसका पहला संस्करण जारी हुआ जो दिल्ली में आयोजित तीसरे विश्व हिन्दी सम्मेलन में वितरित किया गया । उसके उपरांत हर दो वर्ष में 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर  इस शोध को  अद्यतन करके  प्रकाशित किया जा रहा है । वर्ष 2025 का यह शोध इसका  बीसवाँ संस्करण है । पिछले 19 संस्करणों मेँ हिन्दी भाषा और अन्य  भाषाओं की रैंकिंग से संबन्धित विविध पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है । इन सभी संस्करणों का समुचित प्रमाणीकरण […] - [भोलानाथ कुशवाहा के एकांकी संग्रह 'लोकल वोकल' का हुआ लोकार्पण । डॉ अनुज प्रताप सिंह को आचार्य रामचंद्र शुक्ल सम्मान 2024](https://hindishree.com/%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%95/): साहित्यकार समाज में सकारात्मक परिवर्तन को दिशा देता है – सोहन लाल श्रीमाली भोलानाथ कुशवाहा के एकांकी संग्रह लोकल वोकल का हुआ लोकार्पण डॉ अनुज प्रताप सिंह को आचार्य रामचंद्र शुक्ल सम्मान 2024 मिर्ज़ापुर। आचार्य रामचंद्र शुक्ल शिक्षण संस्थान व हिंदी श्री साहित्य संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में सम्मान समारोह व पुस्तक लोकार्पण का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली ने सरस्वती प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके कार्यक्रम का प्रारंभ किया। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अनुज प्रताप सिंह ने किया। विशिष्ठ अतिथि के रूप में अखिल भारतीय साहित्य परिसद के अध्यक्ष राजपति ओझा और […] - [डॉ. हरेराम सिंह को मिलेगा - इस साल का ग्रेस इंडिया सम्मान](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%87/): हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट साहित्यिक योगदान के लिए बिहार के जाने-माने साहित्यकार डॉ . हरेराम सिंह को Grace India educational charitable trust द्वारा Best Hindi Literature Award -2024 देने की घोषणा हुई है। यह उनके अबतक के साहित्यिक योगदान के लिए दिनांक 21-12-2024 को नई दिल्ली में दिया जाना है। हरेराम सिंह ने हिन्दी साहित्य को अबतक पंद्रह कविता संग्रह, तीन कहानी संग्रह, एक दर्जन आलोचना ग्रंथ, दो आत्मकथात्मक उपन्यास, तीन पुस्तकों का संपादन कर एक इतिहास रचा है। हिन्दी श्री ने इनकी पाँच पुस्तकों का प्रकाशन किया है- डॉ. हरेराम सिंह की 2024 की चर्चित पुस्तकों में […] - [शिब्बू गाजीपुरी का उपन्यास 'कैप्टन राघवेन्द्र की प्रभा' का हुआ लोकार्पण](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%82-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af/): सुबह-ए-बनारस के मंच पर ‘कैप्टन राघवेंद्र की प्रभा’ उपन्यास का लोकार्पण मंगलवार को हुआ। 1971 के भारत-पाक युद्ध की सत्य घटना पर यह उपन्यास आधारित है। इस उपन्यास में कैप्टन राघवेंद्र की धर्मपत्नी श्रीमती प्रभा को जब उनके शहीद होने की खबर मिली तो उन्होंने इस घटना को सच मानने से इनकार कर दिया और उन्होंने यह अटल विश्वास जताया कि उनके पति जीवित है। भारतीय संस्कृति में व्याप्त अर्धनारीश्वर की अवधारणा और पति-पत्नी के बीच के अटल विश्वास पर आधारित यह उपन्यास अत्यंत अनुपम है। इस उपन्यास को गाजीपुर के साहित्यकार शिब्बू गाजीपुरी ने लिखा है। आरंभ में अतिथियों […] - [विंध्य धाम में 'विंध्य शिखर: मिर्जापुर' पुस्तक का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%96/): अपनी सांस्कृति को बचाना आज बहुत जरूरी-पं रत्नाकर मिश्रहम अपने पुरातन आदर्श को न भूलें- भोलानाथ कुशवाहा विंध्य धाम में ‘विंध्य शिखर: मिर्जापुर’ पुस्तक का हुआ विमोचन मां विंध्यवासिनी के पावन धाम में विधायक निवास पर मिर्जापुर की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित पुस्तक ‘विंध्य शिखर: मिर्जापु’र का विमोचन समारोह एवं पुस्तक परिचर्चा मंगलवार की शाम बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित नगर विधायक माननीय पंडित रत्नाकर मिश्र के कर कमलों द्वारा जिले के वरिष्ठ साहित्यकारों एवं संभ्रांत नागरिकों की गरिमामई उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में पुस्तक के उपयोगिता पर […] - [स्व श्रीमती हीरामनी देवी की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन](https://hindishree.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%80/): भोलानाथ कुशवाहा के लेखन में उनकी पत्नी का खास योगदान है- प्रो रेनूरानी सिंहस्व हीरामनी देवी की स्मृति में कवि सम्मेलन आयोजित मिर्जापुर। हिन्दी श्री साहित्य संस्थान के सौजन्य से स्व श्रीमती हीरामनी देवी की स्मृति में रविवार को शहीद उद्यान नारघाट में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। ज्ञात हो कि श्रीमती हीरामनी देवी वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा की धर्मपत्नी थी जिनका निधन गत 6 अगस्त 24 को हो गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि केबी पीजी कालेज की हिन्दी विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रो रेनूरानी सिंह थी। वरिष्ठ साहित्यकार गणेश गम्भीर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का […] - [शैलेश मुसाफ़िर के पहले काव्य संग्रह 'तुम्हारे बिना' का भव्य विमोचन समारोह](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be/): संकट मोचन विद्यालय में हिंदी दिवस के अवसर पर साहित्य और संस्कृति के संगम का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब प्रसिद्ध गीतकार शैलेश मुसाफ़िर के पहले काव्य संग्रह ‘तुम्हारे बिना’ का भव्य विमोचन समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जिले के प्रतिष्ठित साहित्यकारों, शिक्षाविदों और पाठ्यपुस्तक लेखकों ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की। विमोचन समारोह में विशेष रूप से आमंत्रित जो जिले के सम्मानित पाठ्य पुस्तक लेखक सर्वेश कान्त वर्मा ‘सरल’ ने संग्रह के विषय-वस्तु और शैलेश मुसाफ़िर की लेखनी की तारीफ़ करते हुए कहा कि “यह संग्रह पाठकों को दिल से जोड़ने में सक्षम है, […] - [राकेश शरण मिश्र को मिला हिंदी श्री सम्मान](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%bf/): राकेश मिश्र द्वारा कृत पुस्तक खामोश कैसे रहूं का हुआ विमोचन प्रयागराज। तुलसी जयंती के अवसर पर नगर स्थित शिव गंगा कोचिंग इंस्टीट्यूट निकट आनंद भवन के सभागार में सोन साहित्य संगम सोनभद्र के तत्वाधान में संस्था के संयोजक कवि अधिवक्ता पत्रकार राकेश शरण मिश्र द्वारा रचित प्रथम काब्य संग्रह खामोश कैसे रहूं का विमोचन नामचीन साहित्यकारों पत्रकारों की उपस्थिति में भव्य तरीके से संपन्न हुआ। राकेश शरण मिश्र को उत्कृष्ट लेखन के लिए हिंदी श्री की ओर से हिंदी श्री सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मंचासीन अतिथियों और हिंदी श्री के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्रदान […] - [शुभम श्रीवास्तव ओम के निधन से व्यथित देश के चर्चित साहित्यकारों की प्रतिक्रिया](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%ae-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b5-%e0%a4%93%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7/): स्मृति-लेखअँधेरे के पुल से जाता हुआ शुभम् श्रीवास्तव ओम-राजेन्द्र गौतमरिटायर्ड प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालयरहा तो यहां कोई भी नहीं है, एक दिन सभी जाते हैं लेकिन इस तरह असमय जाना जिस तरह शुभम् चले गए झिंझौड़ कर रख देता है। 30-31 वर्ष की उम्र में इतनी परिपक्वता! तीन-तीन संकलनों में अपने समय की धड़कनों को दर्ज करते हुए गीत; समकालीन नवगीतकारों की आवाज को स्थायी बनाने के प्रयास में पांच लोकगीतकारों के संकलनों का संपादन और नवगीत पर शोधपरक लेखन! हमें नवगीत का भविष्य दिखने लगा था उसमें। शुभम् से नवगीत के परिदृश्य पर, उसकी उपलब्धि और सीमाओं पर और भविष्य […] - [प्रसिद्ध आईएएस अफसर डॉ. हीरा लाल को 'रमन' पुरस्कार से सम्मानित किया गया](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%8f%e0%a4%8f%e0%a4%b8-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b9%e0%a5%80/): लखनऊ, उत्तर प्रदेश – 3 मार्च, 2024 – प्रसिद्ध आईएएस अफसर और लेखक डॉ। हीरा लाल को उत्तर प्रदेश सरकार की अद्वितीय योजना के तहत राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वार्षिक पुरस्कार समारोह (२०२३-२०२४)  के विशिष्ट रमनलाल अग्रवाल ‘रमन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह, लखनऊ विश्वविद्यालय स्तिथ मालवीय सभागार में आयोजित हुआ। डॉ० हीरा लाल की उत्कृष्ट योगदान की सराहना करते हुए उन्हें इस गर्वित पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ० हीरा लाल, जिन्हें उनके अद्वितीय नेतृत्व और परिवर्तनात्मक कार्यों के लिए जाना जाता है, पुस्तक “डायनेमिक डीएम” के लेखक के रूप में प्रमुख हैं। रमनलाल […] - [विश्व पुस्तक मेला- 2024, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में लेखक मंच से वसंत पंचमी के दिन हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित दस पुस्तकों का हुआ विमोचन ](https://hindishree.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-2024-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): विश्व पुस्तक मेला- 2024, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में लेखक मंच विश्व पुस्तक मेला- 2024, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में लेखक मंच से वसंत पंचमी के दिन हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित दस पुस्तकों का विमोचन सम्पन्न हुआ। पुस्तकों का विमोचन मंचासीन अतिथि वरिष्ठ कवि व लेखक पं. अनित्य नारायण मिश्र (राष्ट्रीय कवि), वेद प्रकाश प्रजापति (वरिष्ठ कवि व लेखक) गोपाल जी राय (रिटा. राजपत्रित अधिकारी, सूचना विभाग), शिब्बू गाजीपुरी (स्क्रिप्ट राइटर), डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव शिखर (वरिष्ठ कवि व लेखक) ने किया। हिंदी श्री साहित्य संस्थान के संयोजक-अमेरिका श्री हेमंत कुमार ने सभी रचनाकारों और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह […] - [महरी उपन्यास खुद ब खुद बोलता है - रामनाथ शिवेंद्र](https://hindishree.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6-%e0%a4%ac-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2/): महरी के कृतिकार-गिरिजा प्रसाद चौधरी ‘चंद्र’ महरी और मेंधर की गोद में का विमोचन १६-०१-२०२४ को हुआ था गिरिजा प्रसाद चौधरी ‘चंद्र’ का महरी लघु उपन्यास लम्बे अंतराल के बाद अधिदर्शक भाई की नैतिक उत्प्रेरणा से प्रकाशित हुआ है। इस उपन्यास को प्रकाश में लाने के लिए उनकी पत्नी निर्मला देवी तथा उनके पुत्रों प्रेमेंद्र कुमार ऋषि कुमार एवं दुष्यंत कुमार को निश्चित रूप से धन्यवाद दिया जाना चाहिए।दर असल साहित्य के प्रति उनके परिवार का प्रेम देखकर तथा उनके आंखों में एक महत्वपूर्ण कथाकार गिरिजा प्रसाद चौधरी ‘चंद्र’ की साहित्यिक भूमिका का दृश्यमय अवलोकन बहुत ही महत्वपूर्ण है माना […] - [बैंक आफ बड़ौदा में मनाया गया विश्व हिंदी दिवस](https://hindishree.com/%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%95-%e0%a4%86%e0%a4%ab-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%97/): बैंक आफ बड़ौदा में मनाया गया विश्व हिंदी दिवस हिंदी को विश्व पटल पर लाने की ज़रूरत – क्षेत्रीय प्रबंधक सिविल लाइन सुलतानपुर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय में आज विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया।इस अवसर पर जनपद के प्रख्यात कवि व ग़ज़लकार डाॅ डी एम मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सर्वप्रथम क्षेत्रीय प्रबंधक और उप प्रबंधक के द्वारा उनका स्वागत किया गया।तदुपरांत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे क्षेत्रीय प्रमुख संजय कुमार ने कहा कि हिंदी विश्व की सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है। अतः संयुक्त राष्ट्र संघ को चाहिए […] - [डॉ. उषा कनक पाठक की पुस्तक 'प्रियतम को/की पाती' का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%89%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95/): साहित्यिक धारा से सुसम्पन्न करना  है जनपद को- प्रो. शिशिर कुमार पाण्डेय मिर्जापुर के माहेश्वरी लॉन परिसर में बंग महिला से लेकर डॉक्टर उषा कनक पाठक तक के मिर्जापुर के महिला साहित्यकारों पर एक विमर्श और पुस्तक चर्चा विषयक गोष्ठी में डॉक्टर उषा कनक पाठक की हिंदी श्री पब्लिकेशन से नवप्रकाशित पुस्तक प्रियतम को/ की पाती का विमोचन हुआ । जगतगुरु रामभद्राचार्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिशिर कुमार पांडेय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।  कुलपति महोदय ने कहा कि मिर्जापुर की धरती साहित्यिक युग का बीजवपन करती  है। पुस्तक का  काव्यशास्त्रीय निरूपण करते हुए विशिष्ट वक्ता यथार्थ पाण्डेय ने इसका […] - [रमाशंकर सिंह यादव कृत काव्य संग्रह 1. वेलेंटाइन डे और 2. दारूवाला का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5/): हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई रमाशंकर सिंह यादव जी की काव्य संग्रह 1. वेलेंटाइन डे और 2. दारूवाला मिर्ज़ापुर। उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, मीरजापुर इकाई के तत्वावधान में ग्राम पंचायत, कलना गहरवार, गैपुरा में पुस्तक विमोचन व कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रसिद्ध नवगीतकार गणेश गम्भीर, मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार लल्लू तिवारी रहे। रमाशंकर सिंह यादव की दो पुस्तकों “वेलेंटाइन डे” और “दारूवाला” का विमोचन मंचासीन अतिथियों व साहित्यकारों ने किया। कार्यक्रम का आरम्भ अतिथियों एवं कवियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया तत्पश्चात् लोक […] - [अधिदर्शक के काव्य संग्रह 'दोस्त! आनंद भवन रोता है' का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9/): हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित हुई अधिदर्शक जी की पुस्तक “दोस्त आनंद भवन रोता है” सामाजिक परिवर्तन में साहित्यकारों का महत्वपूर्ण योगदान- शरद मेहरोत्राअधिदर्शक जी का लेखन उनके संघर्षों का गवाह- भोलानाथ कुशवाहाअधिदर्शक जी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है- गणेश गंभीर     मीरजापुर।शहीद उद्यान नारघाट में साहित्य चेतना समाज के तत्वावधान में आयोजित समारोह में वरिष्ठ कवि अधिदर्शक के काव्य संग्रह ‘दोस्त! आनंद भवन रोता है’ का विमोचन मुख्य अतिथि डॉ शरद मेहरोत्रा (अध्यक्ष विज्ञान विभाग, के बी पी जी कॉलेज, मीरजापुर) एवं अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा समेत मंचासीन विशिष्ट अतिथियों ने किया।इस दौरान मुख्य अतिथि […] - [कवि डॉ. जय प्रकाश प्रजापति' अंकुश कानपुरी की चार पुस्तकों का हुआ विमोचन।](https://hindishree.com/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): 1. अंकुश की बाल कविताएँ2. मोनू की सीख3. कैसी हवा चली (गीत संग्रह)4. अंकुश की लघुकथाएँ विमोचित हुईं  ०८-१०-२०२३ को प्रजापति भवन दामोदर नगर में बाल साहित्य  संवर्धन संस्थान कानपुर के बैनर तले एक विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसकी अध्यक्षता डॉ. मोहन सिंह कुशवाहा, मुख्य अतिथि श्री आनंद अमित मिर्जापुर रहे। विशिष्ट अतिथि हरि लाल मिलन, श्री वेद प्रकाश वेद प्रयागराज, श्री ज्ञानेंद्र पांडे अमेठी, श्री एस के दीक्षित उन्नाव रहे। पुस्तकों पर अपने विचार रखने वाले प्रतिष्ठित वक्ता जय राम सिंह जय, चक्रधर शुक्ल, कौशल पाण्डे,डॉ. प्रेम स्वरूप त्रिपाठी जी, काव्य पाठ अजीत सिंह राठौर, राज कुमार सचान, […] - [प्रतिमा शर्मा व अलंकृता राय की पुस्तकों का प्रयागराज में हुआ लोकार्पण](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b0/):   प्रयागराज।हिंदुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के सभागार में शनिवार,7 अक्टूबर को भदोही की कवयित्री प्रतिमा शर्मा ‘पुष्प’ की चार पुस्तकों एवं अलंकृता राय की एक पुस्तक का लोकार्पण हुआ।लोकार्पित पुस्तकों में प्रतिमा ‘पुष्प’ के तीन कहानी संग्रह-नीलांजला,दूसरी लौंग,गुलाबी आँखों का दर्द व एक काव्य संग्रह- रात खिड़कियों से तथा अलंकृता राय का कविता संग्रह- आधी कप चाय आधी तेरी याद  हैं।    इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार रविनंदन सिंह जी ने कहा कि साहित्य लेखन रचनाकार की निजी अनुभूति होती है।वह किसी के खुश होने या नाराज होने की परवाह को छोड़कर लोकहित के लिए सच्चाई का बयान करता है और ऐसा […] - [कवि अनिल अंकित की 2 पुस्तकें, जीना इसी का नाम है और मैं कविता बोल रही हूँ का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-2-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87/): कवि अनिल ‘अंकित’ के दो कविता-संग्रहों(‘जीना इसी का नाम है’ व ‘मैं कविता बोल रही हूॅं’) का विमोचन जिला पंचायत सभागार, गाजीपुर में संपन्न हुआ। ‘साहित्य चेतना समाज’ एवं ‘हिन्दीश्री’ के संयुक्त तत्वावधान में ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम के अन्तर्गत कवि अनिल ‘अंकित’ के दो कविता-संग्रहों(‘जीना इसी का नाम है’ व ‘मैं कविता बोल रही हूॅं’) का विमोचन जिला पंचायत सभागार, गाजीपुर में संपन्न हुआ। विमोचन-समारोह और कवि-गोष्ठी इन दो सत्रों में विभक्त इस समारोह के अध्यक्ष नगर के वरिष्ठ कवि एवं ख्यात मंच-संचालक हरिनारायण ‘हरीश’, मुख्य अतिथि डॉ.आनन्द कुमार सिंह, ख्यातिलब्ध साहित्यकार,भूतपूर्व प्रो.-हिन्दी, उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल एवं विशिष्ट अतिथि […] - [साहित्य चेतना समाज गाज़ीपुर प्रारम्भ करेगी 'चेतना प्रवाह'](https://hindishree.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%80/): सुधीजनों व साहित्यकारों ने ‘चेतना-प्रवाह’ कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए हर संभव सहयोग करने की अपनी सहर्ष सहमति दी साहित्य चेतना समाज की बैठक गाजीपुर नगर के वंशीबाजार में स्वामी विवेकानन्द काॅलोनी स्थित संस्था के कैम्प कार्यालय पर हुई।बैठक में शीघ्र ही प्रारंभ होने वाले संस्था के नये कार्यक्रम ‘चेतना-प्रवाह’ के विषय में विस्तार से चर्चा की गई। वर्तमान भौतिकवादी परिवेश,मोबाइल व कम्प्यूटर युग एवं आपाधापी भरी जिन्दगी में आम जनमानस की सत्साहित्य के प्रति रुचि में निरंतर कमी आ रही है।आम जनमानस को सत्साहित्य से जोड़ने और इसके प्रति रुचि जागृत करने के उद्देश्य से संस्था यह कार्यक्रम प्रारंभ […] - [वेद प्रकाश प्रजापति द्वारा कृत कविता संग्रह आओ लौट चलें अब गाँव की समीक्षा डॉ.ऋषिपाल धीमान ’ऋषि‘ द्वारा](https://hindishree.com/%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be/): पुस्तक-समीक्षापुस्तक का नाम- आओ लौट चलें अब गाँव (कविता-संग्रह)कवि- वेदप्रकाश प्रजापतिप्रकाशक- हिंदीश्री पब्लिकेशन, सुरियावं, महुआपुर, संत रविदासनगर(उ.प्र.)प्रकाशन वर्ष-2021मूल्य-350 रु. पुस्तक खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें प्रस्तुत कृति ‘आओ लौट चलें अब गाँव’ श्री वेदप्रकाश प्रजापति की 87 विविधवर्णी हिंदीकविताओं का संग्रह है। यह इनका दूसरा स्वतंत्र काव्य-संग्रह है। इस संग्रह में प्रो. ओमपाल सिंह औरडॉ. हरेंद्र प्रसाद जैसे विद्वानों के शुभसंदेश हैं तथा वरिष्ठ साहित्यकार श्री भोलानाथ कुशवाहा कीविस्तृत भूमिका है। इससे पूर्व इनका एक काव्य-संग्रह ‘कुछ एहसास’ शीर्षक से प्रकाशित हो चुका है।कविता का संबंध सीधे-सीधे व्यक्ति की संवेदनशीलता से होता है। एक संवेदनशील व्यक्ति ही कवितालिखता है […] - [मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी ने किया "पंखुड़ियाँ" काव्य संग्रह का विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%9b%e0%a4%a0%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%96/): पंखुड़ियाँ काव्य संग्रह हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित है पंखुड़ियाँ काव्य संग्रह की रचयिता पूर्व सहकारिता राज्यमंत्री डॉ संगीता बलवंत हैं पूर्व सहकारिता राज्य मंत्री व साहित्यकार डॉ संगीता बलवंत की छठवीं पुस्तक “पंखुड़ियां” काव्य संग्रह का विमोचन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय श्री योगी आदित्यनाथ जी के कर कमलों द्वारा उनके आवास 5, कालिदास मार्ग लखनऊ पर हुआ। उन्होंने पंखुड़ियाँ के प्रकाशन पर इसकी रचयिता डॉ संगीता बलवंत को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य हेतु शुभकामना दी। इस अवसर पर लोकगीत के प्रसिद्ध कवि डॉ अवधेश बिंद उपस्थित रहे। पंखुड़ियाँ डॉ संगीता बलवंत की छठवीं पुस्तक है। इसमें […] - [डॉ रामसेवक विकल कृत श्रीमद्भागवत गीता (भोजपुरी भावानुवाद) का जमशेदपुर में हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae/): जमशेदपुर। रविवार 18 जून 2023 को गोलमुरी स्थित भोजपुरी भवन में डा रामसेवक विकल जी की कृति श्रीमद भागवत गीता का भोजपुरी भावानुवाद का लोकार्पण उपस्थित अतिथियों द्वारा हुआ। आयोजक डा आदित्य कुमार अंशु (सुपुत्र डा रामसेवक विकल) थे। मुख्य अतिथि के रूप में दिनेश्वर प्रसाद दिनेश उपस्थित कार्यक्रम की अध्यक्षता अरविंद विद्रोही व संचालन वरुण प्रभात ने किया। सर्व प्रथम डा रामसेवक विकल के तस्वीर पर माल्यार्पण कर उनके प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। स्वागत भाषण राधेश्याम शर्मा ने किया। तत्पश्चात उपस्थित अतिथि साहित्यकारों द्वारा डा. रामसेवक विकल की कृति श्रीमद भागवत गीता का विधिवत लोकार्पण किया गया। […] - [अधिदर्शक जी द्वारा रचित पुस्तक 'आपके हाथ में गुलाब आए' | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%aa/): अधिदर्शक का ये दीवान पिछली सदी के आखिरी दो दशकों में तेजी से बदल हिन्दुस्तान की सांस्कृतिक राजनैतिक- सामाजिक छटपटाहट को बड़ी शाइस्तगी से बयान करता है। उनकी ग़जलों में हकीकत ज्यादा है और फ़साना कम है। ये गज़लें जैसे टैगोर के ‘भयमुक्त ‘चित्र’ का वितान रचती हैं। इन गज़लों में जो कशिश है वो उनकी जाती ज़िन्दगी में आए भारी उतार-चढ़ाव से उपजी हैं।इनके व्यक्तिगत अनुभव का दायरा बड़ा ही विस्तृत है। सन 1970 में सिंचाई विभाग (उत्तरकाशी) से शुरू करके राज्य सीमेंट निगम की चुर्क, चुनार, डाला इकाईयों में सन 1980 तक बतौर सुपरवाइजर / इंजीनियर सेवायें दीं। […] - [नन्हें सिंह ठाकुर का मेरा बचपन मेरा गाँव (संस्मरण संग्रह) प्रकाशित हुआ](https://hindishree.com/%e0%a4%a8%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be/): मेरा बचपन मेरा गाँव पुस्तक के बारे में इसके लेखक श्री नन्हें सिंह ठाकुर की अपनी बात- इस कृति में बीस संस्मरण निबंधों के माध्यम से मैंने अपने बचपन और गांव की स्मृतियों को अपनी संवेदना के साथ उकेरने का प्रयास किया है,एक पाठक के रूप में इन स्मृति निबंधों को पढ़कर यदि आप भी अपने बचपन को याद करते हैं,तो इस पुस्तक का यही पारितोषिक मेरे लिए होगा। जरूर पढ़े और प्रतिक्रिया देने के लिए मेरे परिचय में लिखें दूरभाष नंबर पर दो शब्द टाइप कर व्हाट एप भेजे। मुझे याद है विगत कुछ माह पहले हिंदी के प्रसिद्ध […] - [श्रीमती मंजुला श्रीवास्तवा कृत "मंजुल कहानियाँ" का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): यह कहानी संग्रह हिंदी श्री पब्लिकेशन से हुआ है प्रकाशितश्रीमती मंजुला श्रीवास्तवा को हिंदी श्री द्वारा “महादेवी वर्मा साहित्य सम्मान” से किया गया सम्मानितरविवार दिनाँक 28/5/23 को पथगामिनी साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्था के तत्वाधान में श्रीमती मंजुला श्रीवास्तवा के कहानी संग्रह ‘मंजुल कहानियों’ का विमोचन  डिवाइन सैनिक स्कूल वाराणसी के सभागार में प्रख्यात गजलकार डॉ चंद्रभाल सुकुमार पूर्व जिला जज की अध्यक्षता और वरिष्ठ साहित्यकार श्री हीरालाल मिश्र ‘मधुकर’ जी व मंचासीन अतिथियों के कर कमलों से हुआ। पुस्तक की समीक्षा दिल्ली से आए पंकज तिवारी (पथगामिनी के संपादक) ने बहुत संक्षिप्त और सारगर्भित रुप में किया। जबलपुर मध्यप्रदेश से […] - [श्रीमद् भागवत गीता का भोजपुरी भावानुवाद का दूसरा संस्करण विमोचन 18 जून को](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a5%8d-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%9c/): बलिया /उत्तरप्रदेश (अमरेश सिंह),29 मई।बलिया जनपद के प्रख्यात साहित्यकार एवं कवि रहे स्व० डॉ० रामसेवक ‘विकल’ जी की किताब “श्रीमद् भागवत गीता का भोजपुरी भावानुवाद” का दूसरा संस्करण विमोचन 18 जून 2023 (रविवार) को प्रातः 10 बजे से भोजपुरी भवन, गोलमुरी, टाटानगर, जमशेदपुर (झारखंड) में विकल जी के ज्येष्ठ पुत्र तथा प्रख्यात साहित्यकार डॉ० आदित्य कुमार ‘अंशु’ के संयोजन में किया जाएगा। इस आयोजन में देश के विभिन्न भागों से हिंदी, भोजपुरी, उड़िया, बंगला के प्रख्यात कवि और साहित्यकार शिरकत करेंगे।डॉ० रामसेवक विकल जी का जन्म बलिया जनपद के इसारी सलेमपुर ग्राम में हुआ था। बलिया के सतीशचंद्र डिग्री कॉलेज […] - [आशा दिनकर के कुल छः पुस्तकों का हुआ विमोचन | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%9b%e0%a4%83-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95/): आशा दिनकर के कुल छः पुस्तकों का हुआ विमोचनआशा की कलम अन्याय के विरुद्ध उठती है- पं. अनित्य नारायण मिश्रआशा दिनकर की रचनाओं में जीवटता है – डॉ सारिका शर्माछः पुस्तकों के माध्यम से आशा जी ने लगाया सिक्सर*- दिनेश आनंद  नई दिल्ली, वरिष्ठ कवयित्री आशा दिनकर’आस’ की कुल छः पुस्तकों चार ग़ज़ल संग्रह ”तन्हाइयों की महफिल” ”एहसासों का सफर”, “लम्हा-लम्हा जिंदगी”, ”ख्वाबों की ख्वाहिश” तथा दो दोहा संग्रह “मनहर दोहावली” एवं “मनोहर दोहावली” का विमोचन रविवार को नई दिल्ली, पश्चिम विहार के मीरा बाग में विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ साहित्य मनीषियों के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम […] - [साधना शाही जी की रचनाएँ | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81-%e0%a4%b9%e0%a4%bf/): शब्द की महिमा भाव की अभिव्यक्ति है शब्द,मानो इसको जैसे अब्द।इनसे जुड़कर वाक्य है बनता।मन के भाव जो व्यक्त है करता।आगे बढ़ा तो बन गया लेख,बड़ी- बड़ी घटना का किया उल्लेख।घटना जुड़- जुड़ बन गई पुस्तक,किस्सा-कहानी साथ में मुक्तक।दोहा, सोरठा, रोला इनसे,ग्रंथ ,उपनिषद भी हैं जिनसे।किंतु यदि ना हों विषयोचित,लेख परत बन होते उपेक्षित।उचित जगह पर उचित हों शब्द,पढ़कर उसे होते सभी स्तब्ध।गलत शब्द यदि किए प्रयोग,ना सुधरे चाहे करो मनोयोग।इससे पुस्तक उत्तम होती,इससे ही गरिमा को खोती।ये ही अलंकार से करें सुसज्जित,ये ही मानव को करते विस्मित।पुस्तक में रुचि यही जगाते,भक्ति ,श्रृंगार,ओज आदि भाव ले आते।इससे जीवन बनता जन्नत,इसी […] - [युवा रचनाकारों के काव्यपाठ पर खूब बजी तालियां | विभिन्न क्षेत्रों से दर्जनों युवा रचनाकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर लोगों को किया अभिभूत](https://hindishree.com/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa/): वाराणसी।  काशी साहित्य समाज, राज बनारसी ऑफिसियल सोशल मीडिया चैनल, कविता वाला और एल एस सी वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में संजय शिक्षा निकेतन, कबीरनगर, दुर्गाकुंड, वाराणसी में रविवार को देर शाम तक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आये युवा रचनाकारों ने काव्यपाठ करके अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि चर्चित समाज सेवी डॉ गीता कुमारी ने युवा रचनाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के साहित्यिक आयोजन महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देते हैं। इस दौरान उपस्थित कवियों में आधी संख्या कवयित्रियों की रही जो महिलाओं में जागरूकता को […] - [डॉ हरेराम सिंह को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन ने किया सम्मानित](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%bf/): डॉ.हरेराम सिंह को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन-पटना ने हिन्दी भाषा एवं साहित्य की उन्नति में मूल्यवान सेवाओं के लिए , सम्मेलन के 42 वें महाधिवेशन में ” कविवर पोद्दार रामावतार ‘अरुण’ सम्मान से विभूषित किया । यह सम्मान अध्यक्ष बिहार विधान सभा श्री अवध बिहारी चौधरी के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया। इस मौके पर बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व साहित्यकार अनिल सुलभ जी, हिन्दी प्रगति समिति अध्यक्ष  व बिहार गीत के रचयिता सत्यनाराण जी, पूर्वकुलपति मंडल विश्वविद्याल मधेपुरा डॉ.अमरनाथ सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ.सीपी ठाकुर, अतिति प्रोफेसर केंद्रीय वि.वि.ओडिसा डॉ.जंगबहादुर पाण्डेय मौजूद थे। बताते चले किं […] - ["पाइप से पौधे नहलाएँ" बाल कविता संग्रह का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%a7%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%b5/): जीवन का अँधियारा हरने सूरज उगता है“पाइप से पौधे नहलाएँ” बाल कविता संग्रह का हुआ विमोचनमीरजापुर, उत्तर प्रदेश साहित्य सभा, मीरजापुर इकाई के तत्वावधान में अनगढ़ में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर पुस्तक लोकार्पण एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जौनपुर से आये चर्चित नवगीतकार- बाल साहित्यकार योगेन्द्र प्रताप मौर्य के बाल कविता संग्रह ‘पाइप से पौधे नहलायें’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार गणेश गम्भीर ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध गीतकार लल्लू तिवारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शुभम् श्रीवास्तव ओम ने किया। इस अवसर पर अतिथि रचनाकार […] - [ग़ज़ल संचयन  डी एम मिश्र: संपादक डॉ जीवन सिंह एवंसमकाल की आवाज़ का सम्पन्न हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8/):  डी एम मिश्र के गजल संग्रह का विमोचन एवं परिसंवाद सम्पन्न ‘अब ये ग़ज़लें मिज़ाज़ बदलेंगी’गज़लें लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हैं – डॉ जीवन सिंहडी एम मिश्र की ग़ज़लों में प्रतिरोधी चेतना – वाचस्पतिगज़लें हुकूमत के खिलाफ बोलती हैं – स्वप्निल श्रीवास्तव राजनीतिक विद्रूपता को उभारने के साथ विकल्प की भी बात – चन्द्रेश्वरडी एम मिश्र की ग़ज़लों में लोकजीवन और श्रम का सौंदर्य – कौशल किशोर ——– जन संस्कृति मंच के सहयोग से ‘रेवान्त’ पत्रिका की ओर से चर्चित जनवादी गजलकार डी एम मिश्र (सुल्तानपुर) के नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ‘समकाल की आवाज़’ तथा ‘ग़ज़ल संचयन’ का विमोचन यूपी प्रेस क्लब, […] - [डी एम मिश्र के गजल संग्रह का विमोचन एवं परिसंवाद सम्पन्न ](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%95/): डी एम मिश्र के गजल संग्रह का विमोचन एवं परिसंवाद सम्पन्न ‘अब ये ग़ज़लें मिज़ाज़ बदलेंगी’गज़लें लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी हैं – डॉ जीवन सिंहडी एम मिश्र की ग़ज़लों में प्रतिरोधी चेतना – वाचस्पतिगज़लें हुकूमत के खिलाफ बोलती हैं – स्वप्निल श्रीवास्तव राजनीतिक विद्रूपता को उभारने के साथ विकल्प की भी बात – चन्द्रेश्वरडी एम मिश्र की ग़ज़लों में लोकजीवन और श्रम का सौंदर्य – कौशल किशोर ——– जन संस्कृति मंच के सहयोग से ‘रेवान्त’ पत्रिका की ओर से चर्चित जनवादी गजलकार डी एम मिश्र (सुल्तानपुर) के नवीनतम ग़ज़ल संग्रह ‘समकाल की आवाज़’ तथा ‘ग़ज़ल संचयन’ का विमोचन यूपी प्रेस क्लब, […] - [पुस्तक समीक्षक अतुल्य खरे | ग़ज़ल संग्रह - मरूँगा नहीं | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%96%e0%a4%b0/): पुस्तक समीक्षक : अतुल्य खरेसमीक्षित पुस्तक : ग़ज़ल संग्रह – मरूँगा नहींगज़लकार : राम राज राजस्थानीप्रकाशक : हिंदी श्री पब्लिकेशन युवा गज़लकार राम राजस्थानी ने, इस ग़ज़ल संग्रह में अपनी 98 गजलों को प्रस्तुत किया है . कह सकते हैं की ये उनके दिल की आवाज़ है हर शेर को उन्होंने भरपूर जिया है क्यूंकि शेर के भाव को देखें तो वो सच , वो प्यार की वफ़ा बेवफाई, मिलने बिछुड़ने का दर्द खुद ब खुद उभर कर नज़र आता है . अपने तजुर्बे और एहसासों को खूबसूरत अल्फाजों से नवाज़ा है फिर भी इज़हार में सादगी है गज़ल को […] - [काव्य सरिता भाग 3 का विमोचन भव्य कार्यक्रम में सम्पन्न हुआ | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-3-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%a8/): संस्थान ,बरेका  द्वारा तथा काशी काव्य संगम के सहयोग से संस्थान, बरेका के बहुउद्देशीय हाल में होली मिलन, काशी काव्य  संगम का वार्षिकोत्सव, वरिष्ठ रचनाकार मोहम्मद नसरुल्लाह नसीर तथा महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार का नागरिक अभिनंदन किया गया। तत्पश्चात श्रीमती करुणा सिंह के प्रधान  संपादन मे आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत देशभक्ति रचनाओं की 35 रचनाकारों के रचनाओं का साझा काव्य संग्रह काव्य सरिता- तीन तथा संजय कुमार गुप्ता की पुस्तक सम्वेदना फिर जी उठेगी का लोकार्पण किया गया ।इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ रचनाकार व मुख्य विद्युत इंजीनियर /योजना श्री  रणविजय ने कहा कि वर्तमान समय में […] - [ग़ज़ल संग्रह "गुलाब दूँ किसे-किसे" का हुआ विमोचन | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ac-%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a4%bf/): ग़ज़ल संग्रह “गुलाब दूँ किसे-किसे” का हुआ विमोचनसाहित्य चेतना समाज, गाज़ीपुर के तत्वावधान में मिर्ज़ापुर में भव्य विमोचन कार्यक्रम का आयोजनपद्म श्री अजिता श्रीवास्तव जी ने की अध्यक्षतासाहित्य व्यक्ति को बदलने का कार्य करता है- डॉ आर बी कमल मिर्ज़ापुर। साहित्यकार आनंद अमित के ग़ज़ल संग्रह “गुलाब दूँ किसे-किसे” का विमोचन शुक्लहा मार्ग स्थित पंचवटी रेस्टोरेंट के हाल में रविवार को सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वय माँ विंध्यवासिनी राजकीय मेडिकल कालेज  मिर्ज़ापुर के प्रिंसिपल डॉ आर बी कमल और एडिशनल एस पी सिटी श्रीकांत प्रजापति थे। इसकी अध्यक्षता पद्मश्री अजिता श्रीवास्तव ने की। मंचासीन विशिष्ट अतिथि साहित्य […] - [‘ग़ज़लों के मीनार के ग्यारह बाशिन्दे’ -ग़ज़ल एकादश. संपादक : डी एम मिश्र](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be/): लेखक –  प्रोफेसर डॉ0 राधेश्याम सिंह दोहा बोला ग़ज़ल से, आ जा मेरी जान,तू आई है अरब से, मैं हूँ हिन्दुस्तान।। (कविता रहस्य- कृष्ण कल्पित)  यह सही है कि ईरान के परिवेश में पली बढ़ी  ग़ज़ल की यह विधा जब उत्तर के सूफियों और दक्षिण के वली दकनी के अपने पड़ावों पर ठहरती हुई, हिन्दी भाषा में प्रविष्ट हुई, तब तक इसके रूप-शृंगार में हजार परिवर्तन हुए। यह समूचा इतिहास ‘गुलगुली गिल के गलीचों’ और ‘गुलो-बुलबुल’ से ‘बेवा की माथे की शिकन’ तक का दिलचस्प दस्तावेज है। हिन्दी में, दोहे को, पूरे अपभ्रंश काल में, बाद में हिन्दी में भी, […] - [ममतामयी मां की आंचल](https://hindishree.com/%e0%a4%ae%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%af%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%b2/): ममतामयी मां की आंचल – विपिन चौबे कहते हैं मां के ऊपर काव्य लिखना बहुत ही सरल है पर लिखते समय लिखने वाले की लेखनी भी कांप उठती है | मां शब्द जरूर छोटा है परंतु उसका अर्थ उतना ही व्यापक है जितनी के पृथ्वी से सूर्य की दूरी | हर एक युग में मां की अत्यंत भूमिका रही है वह चाहे द्वापर में कृष्ण को जन्म देने वाली मां देवकी हो, चाहे त्रेता में मर्यादा पुरुषोत्तम राम को जन्म देने वाली मां कौशल्या हो सभी माताओं ने पुत्र वियोग की पीड़ा सही है | इसी के साथ मैं अपनी […] - [डॉ.हरेराम सिंह की तीन पुस्तकों का हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): डॉ हरे राम की पुस्तकें-1. ओबीसी साहित्य की आलोचना पद्धति2. लोकतंत्र में हाशिये के लोग3. जामुन का पेड़ अनजबित सिंह कॉलेज- बिक्रमगंज के हिन्दी विभाग में यहाँ के पूर्व छात्र व हिन्दी के चर्चित कवि व आलोचक डॉ.हरेराम सिंह की ‘हिन्दी श्री-संत रविदास नगर, उत्तर प्रदेश से प्रकाशित तीन पुस्तकों का विमोचन हिन्दी विभाग में हुआ। इस अवसर पर हिन्दी विभागाध्यक्ष विशाल कुमार  ने कहा कि डॉ.हरेराम सिंह हिन्दी के जाने-माने कवि व आलोचक हैं। इनकी कविता संग्रह ‘जामुन का पेड़’ आमजन की पीड़ा को बेहतरीन तरीके से उजागर करती है। ” लोकतंत्र में हाशिए के लोग” पुस्तक हाशिए के […] - [भोलानाथ कुशवाहा को मिला 'सेवक साहित्यश्री' सम्मान](https://hindishree.com/%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8/): भोलानाथ कुशवाहा को मिला ‘सेवक साहित्यश्री’ सम्मान, वाराणसी में ‘साहित्यिक संघ’ ने नरहरपुरा स्थित कमलाकर चौबे आदर्श सेवा इंटर कालेज में किया आयोजन, सम्मानित रचनाकारों का काव्य पाठ भी हुआ   मिर्जापुर। वाराणसी में साहित्यिक संघ के 31 वें वार्षिक समारोह के अवसर मिर्जापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा को ‘सेवक साहित्यश्री’ से सम्मानित किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र, के. सत्यनारायण थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व निदेशक उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ डॉ सुधाकर अदीब ने की। इसमें मुख्य वक्ता दक्षिण हिंदी प्रचार सभा एवं नेहरू ग्राम भारती के पूर्व कुलपति प्रो राम मोहन […] - ['शिखर' के कहानी संग्रह "भारत मां की कसम" का डॉ सत्येंद्र कुमार के करकमलों द्वारा हुआ विमोचन](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): शिखर’ के कहानी संग्रह “भारत मां की कसम” का डॉ सत्येंद्र कुमार के करकमलों द्वारा हुआ विमोचन *मुंशी प्रेमचंद साहित्य सम्मान से डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ हुए सम्मानित* वाराणसी। डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के कहानी संग्रह “भारत मां की कसम” उर्फ “शिखर कहानी बिंब” का विमोचन रविवार को  डॉ. सत्येंद्र कुमार, सीईओ यूनिवर्सल कम्युनिकेशन मीडिया सेंटर लखनऊ के करकमलों द्वारा विश्वज्योति जनसंचार केंद्र नेपाली कोठी वाराणसी में समारोह पूर्वक किया गया। मुख्य अतिथि डॉक्टर सत्येंद्र जी ने इस कहानी संग्रह को “जिंदगी जीने का मार्गदर्शक” के रूप में बताया। वही बतौर मुख्य वक्ता गोरखपुर से पधारे हिंदी विभागाध्यक्ष […] - [आशा दिनकर कृत ग़ज़ल संग्रह "ख़्वाबों की ख़्वाहिश" का विमोचन | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): आशा दिनकर एक बड़ी रचनाकार के साथ-साथ बड़ी दिल वाली भी हैं- डॉ दीपिका सुतोदिया सखी आशा दिनकर के ग़ज़लों में जीवन की वास्तविकता और सच्चाई बार-बार उभरती है जो यथार्थपरक है- डॉ बैजनाथ शर्मा मिन्टूग़ज़ल संग्रह “ख़्वाबों की ख्वाहिश” में जीवन के विविध रंग समाहित हैं- डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तवआशा दिनकर की शायरी में प्रेम-मुहब्बत के कई रंग – भोलानाथ कुशवाहा मिर्ज़ापुर। आशा दिनकर द्वारा लिखे गए ग़ज़ल संग्रह “ख़्वाबों की ख्वाहिश” का विमोचन करते हुए मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार व पत्रकार डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवस्तव ने कहा कि आशा दिनकर के ग़ज़ल संग्रह “ख़्वाबों की ख्वाहिश” में जीवन के […] - [Dr Hareram Singh](https://hindishree.com/dr-hareram-singh/): डॉ हरेराम सिंह – एक परिचय डॉ हरेराम सिंह जी Dr Hareram Singhओ बी सी साहित्य लेखन तथा आलोचना के क्षेत्र में एक प्रसिद्ध व चर्चित लेखक व कवि हैं। प्रस्तुत है इनका संक्षिप्त परिचय- ‘गोदान’ और ‘छह बीघा ज़मीन’ का तुलनात्मक अध्ययन’ विषय पर शोध कार्य। डॉ. हरेराम सिंह Dr Hareram Singh ख्यातिप्राप्त कवि व आलोचक हैं। देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में ये छपते रहे हैं। हिन्दी कविता के क्षेत्र में हाशिए के दर्द व संघर्ष को रचनात्मक रूख देना, इनकी विशिष्ट उपलब्धि रही है। इनका जन्म 30 जनवरी 1988 ई. को, बिहार के रोहतास जिला अन्तर्गत काराकाट प्रखंड […] - [साहित्यकार मिथिलेश श्रीवास्तव का किया गया सम्मान | मिर्ज़ापुर | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b5/): साहित्यकार मिथिलेश श्रीवास्तव का किया गया सम्मानडॉ मिथिलेश की रचनाएं यथार्थपरक- भोलानाथ कुशवाहा मिर्ज़ापुर| ग़ाज़ियाबाद से पधारे चर्चित कवि व लेखक डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव शिखर को अष्टभुजा स्थित माँ कामेश्वरी आश्रम परिसर में हिंदी श्री संस्था की ओर से रविवार को  सम्मानित किया गया। इसमें उनके साहित्य लेखन पर विशेष रूप से चर्चा की गई। गोष्ठी के अध्यक्ष वरिष्ठ कवि भोलानाथ कुशवाहा ने कहा कि डॉ मिथिलेश नेयथार्थपरक रचनाएं लिखी हैं जिनमें आज का जीवन बोलता है। बीएसएनएल के अधिकारी सुभाष वर्मा ने कहा कि लेखक का दायित्व समाज को नई दिशा देना है। डॉ मिथिलेश ने अपने साहित्य […] - ["मैं गीता हूँ" उपन्यास का हुआ विमोचन | विराट कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन | वाराणसी | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%82%e0%a4%81-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%81/): “मैं गीता हूँ” उपन्यास का हुआ विमोचनविराट कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन वाराणसी। एल एस सी के अंतर्गत काव्यकलश के सौजन्य से भव्य साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें विराट कवि सम्मेलन और सर्वेश पाण्डेय मिर्जापुरी द्वारा लिखित “मैं गीता हूँ” उपन्यास का विमोचन, इस उपन्यास की मुख्य पात्र और कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ गीता कुमारी, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध हास्य कवि डंडा बनारसी और अतिथियों के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। अपने वक्तव्य में प्रसिद्ध समाज सेवी मुख्य अतिथि डॉ गीता ने कहा कि इस उपन्यास में मेरे जीवन के संघर्षों की कहानी को रोचक […] - [शिव प्रकाश 'साहित्य' | बागेश्वर जी पर रचित रचना | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b6/): जय-जय बागेश्वर जी,जय-जय बागेश्वर जी।सबके विपत्ति हरो हैं ,जय बागेश्वर जीजय-जय बागेश्वर जी,जय-जय बागेश्वर जी। पान, फूल अरु मोदक भाते अरु मेवा।सब सन्तन मिल करते,बाला की सेवा।।जय-जय बागेश्वर जी,जय-जय बागेश्वर जी। सब भक्तन पे तुम्हरो दृष्टि गड़ी रहती।रात्रि-दिवस कोई हो कोइ घड़ी रहती।।जय-जय बागेश्वर जी,जय-जय बागेश्वर जी। अनुकम्पित,अनुरागी जो इहवाँ आया।खाली हाथ न लौटा झोली भर पाया।।जय-जय बागेश्वर जी,जय-जय बागेश्वर जी। भक्त धीरेन्दर को तुम दूत बना भेजा।जा विदेश में झण्डा लहराओ तेजा।।जय-जय बागेश्वर जी………….. कल-कल करती धारा,भक्ति नदी बहती।दर्शन जो पा जाता,व्याधि सभी छँटती।।जय-जय बागेश्वर जी,जय-जय बागेश्वर जी। केस-मुकदमा जीते बाला कीर्तन सेभूले-भटके लौटें मिलते परिजन सेजय-जय बागेश्वर जी,जय-जय […] - [करवा चौथ पर डॉ बीना सिंह "रागी " की रचना | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): करवा चौथ मेरे सर की कसम मैं मिलूंगी सनमआप मिलने का हमसे सौगंध खाईए बाती की भांति मै जलूंगी सनमहर जन्म में दीपक बन आ जाइएकपोल है लाल सुर्ख लाल रुखसार हैहैं अद्भुत ये छवि दर्पण शर्मसार हैकेश काले कटी पर बलखाते हुएबातें करती हूं खुद से सकुचाते हुएधड़कन और सांसों में समा जाइएव्याकुल है मनवा आप चले आइएपूजा अर्चन इबादत प्रेम विस्तार हैनयनो  को दरस का  अधिकार हैसुरमई आंचल लागे सुधाकर प्रियनभ मंडल  में  तारे  निशाकर प्रियचांद छलनी में प्रियतम की परछाई हैछण है मादक सुध बुध गंवा जाइएश्यामल नभ के झरोखे से झांके हैं चांद ए बादल आवारा तु ना  […] - [राधा गोयल कृत अंतर्नाद का हुआ विमोचन | हिन्दी श्री पब्लिकशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be/): कविता आदमी को नई दिशा देने का कार्य करती है- डॉ नीरज त्रिपाठी।राधा गोयल गहरी संवेदना की रचनाकार- भोलानाथ कुशवाहा।राधा गोयल की रचनाओं में आज का समय बोलता है- अनिल अंकितराधा गोयल के सोचने का दायरा बहुत बड़ा है- आशा दिनकरराधा गोयल कृत अंतर्नाद का हुआ विमोचन।     मिर्ज़ापुर। राधा गोयल कृत अंतर्नाद (कविता संग्रह) का विमोचन करने के बाद डॉ नीरज त्रिपाठी ने कहा कि कविता आदमी को नई दिशा देने का कार्य करती है। राधा गोयल ने अपने अंतर्नाद कविता संग्रह में जीवन के विविध विषयों को उठाकर जो चिंतन प्रस्तुत किया है वह उल्लेखनीय है और […] - [शिखर बाल कथाएं का हुआ विमोचन | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8b/): हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ द्वारा रचित ‘शिखर बाल कथाएं’ का हुआ विमोचनशिखर बाल कथाएं की कहानियां बच्चों के नैतिक विकास के लिए जरुरी -मुख्य महाप्रबंधक, एन टी पी सी रिहन्द बीजपुर, 27 सितंबर,  रिहंद सुपर थर्मल पावर स्टेशन के मंथन सम्मेलन कक्ष में  एनटीपीसी के पूर्व उप प्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के बाल कथा संग्रह शिखर बाल कथाएं का विमोचन मंगलवार को संपन्न हुआ। परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक अशेष कुमार चट्टोपाध्याय ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उक्त पुस्तक का विमोचन करते हुए कहा कि शिखर द्वारा बच्चों के लिए […] - [ हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु सरकारी एवं गैरसरकारी संस्थाओं की भूमिका |राष्ट्रीय संगोष्ठी | हिन्दी श्री | हिंदी बने राष्ट्रभाषा मंच](https://hindishree.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%be/): भाव एवं भावना के साथ हम हिंदी से जुड़ें- डॉ राम मोहन पाठक, पूर्व कुलपति (हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु सरकारी एवं गैरसरकारी संस्थाओं की भूमिका विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न*)*हिंदी को राष्ट्रभाषा बना दिया जाए और अंग्रेजी को संपर्क भाषा के रूप में चलने दिया जाए-राष्ट्रीय संयोजक* वाराणसी, 24 सितंबर, 2022, हिंदी बने राष्ट्रभाषा मंच द्वारा शुक्रवार को रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर गूगल मीट एवं यूट्यूब लाइव चैनल पर हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाओं की भूमिका विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें देश के विभिन्न भागों से वक्तागण ने अपने विचार व्यक्त किए। […] - [कवि सम्मेलन | बीरमपुर भदोही | हिन्दी श्री पब्लिकशन](https://hindishree.com/%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9/): संयुक्त विद्यालय बीरमपुर, ज्ञानपुर, भदोही में दिनांक 18 सितंबर 2022, दिन रविवार को विराट कवि सम्मेलन हुआ संपन्न। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री उमाशंकर सिंह “मधुकर” एवं संचालन वीर रस के सुप्रसिद्ध कवि डॉक्टर संदीप कुमार “बालाजी” ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतापगढ़ की रचनाकार जया मिश्रा की सरस्वती वंदना से हुआ। काव्य पाठ करते हुए श्री अजय विश्वकर्मा “शान” जी ने सुनाया– यह तय है कल के लिए। लूट मची है जल के लिए।। अरुण यादव “प्रयास” ने हीरा मोती संघ किसान । चहल पहल वाला खलिहान। सुनाकर गांव के अतीत को ताजा किया। तो प्रतापगढ़ से राष्ट्रीय कवि डॉ […] - [हिन्दी दिवस | कुमारी सृष्टि राज | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f/): हिन्दी और हिन्दी दिवस हिन्दी हमारी मातृभाषा है, हिन्दी एक भावपूर्ण भाषा है, जिसके माध्यम से बातों के अंदर की गहराई एवं भावनाओं को बहुत अच्छी तरह से समझा जा सकता है । एक बार महात्मा गांधी जी ने कहा था कि जिस तरह ब्रिटेन में अंग्रेजी बोली जाती है और वहाँ के सारे कामकाज भी अंग्रेजी भाषा में किए जाते हैं, उसी प्रकार हिन्दी को भी हमारे देश में राष्ट्रभाषा का सम्मान मिलना चाहिए । मगर आज तक हम हिन्दी को अपनी राष्ट्रभाषा बनाने में असफल हैं। अभी तक हिन्दी हमारी राज भाषा ही बनी हुई है ।जब भारत […] - [रमाशंकर यादव को भारतेन्दु हरीशचन्द्र सम्मान| हिन्दी श्री | हिन्दी श्री पब्लिकशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6/): मिर्ज़ापुर के वरिष्ठ रचनाकार रमाशंकर यादव को उनके द्वारा रचित पुस्तक कविता संग्रह नारी संसार पर मिला भारतेन्दु हरीशचन्द्र सम्मान से सम्मानित किया गया। श्री रमाशंकर सिंह यादव कृत नारी संसार नारी संसार पुस्तक को खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें जिस कार्यक्रम में श्री रमाशंकर यादव जी को भारतेन्दु हरीशचन्द्र सम्मान से सम्मानित किया गया उस कार्यक्रम का विवरण कुछ इस्स प्रकार है कि नगर के भरूहना स्थित माँ विन्ध्यवासिनी महाविद्यालय सभागार में ‘हिन्दी श्री’ प्रकाशन के तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में प्रकाशन से सद्यः प्रकाशित रमाशंकर यादव के काव्य-संग्रह ‘नारी संसार’ के लोकार्पण के अवसर पर […] - [भव्य पुस्तक विमोचन समारोह | हिन्दी श्री पब्लिकशन](https://hindishree.com/%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b/): श्री रमाशंकर सिंह यादव कृत 1. किस्सागोई और 2.नारी संसारश्री आनंद अमित कृत 1. रेलवे फाटक 2. भोर क चिरई कुल चार पुस्तकों के भव्य विमोचन का सफल आयोजनसच्चा साहित्य वह है जो संस्कार एवं परिवार की बातें करे’- मा. पं रत्नाकर मिश्रा (मा. विधायक, नगर)यह कविता में लोक की वापसी का समय है- श्री गणेश गंभीर नगर के भरूहना स्थित माँ विन्ध्यवासिनी महाविद्यालय सभागार में ‘हिन्दी श्री’ प्रकाशन के तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में प्रकाशन से सद्यः प्रकाशित रमाशंकर यादव के काव्य-संग्रह ‘नारी संसार’ एवं लोकभाषा में रचित ‘किस्सागोई’ एवं आनन्द अमित का कहानी संग्रह ‘रेलवे फाटक’ […] - [ रजत जयंती समारोह | कविलोक | कवि सम्मेलन | हिन्दी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95/): गोरखपुर में वर्ष 1997 में स्थापित साहित्यिक संस्था “कविलोक” सार्थक सृजन मंच  के 25 वर्ष पूरे होने पर इसका रजत जयंती समारोह स्थानीय होटल के सभागार में आयोजित किया गया.    समारोह की अध्यक्षता  वरिष्ठ साहित्यकार एवं आलोचक प्रो. रामदेव शुक्ल ने की तथा मुख्य समागत  गोरखपुर विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कृष्ण चंद्र लाल,विशिष्ट समागत  जोधपुर से पधारे ‘मरु-गुलशन’ साहित्यिक पत्रिका के संपादक अनिल अनवर रहे l  काव्य संकलन की समिति समीक्षा श्री राकेश त्रिपाठी,पूर्व महाप्रबंधक (परिचालन) पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर ने की l रजत जयंती समारोह का संचालन कविलोक  के सचिव, राजेश राज ने किया l अपने पिता नवाब […] - [Aadami Jinda Rahe | Daulatram Prajapati | आदमी जिंदा रहे - दौलतराम प्रजापति | समीक्षा आनंद अमित](https://hindishree.com/aadami-jinda-rahe-daulatram-prajapati-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%b0/): एक जिंदा आदमी की आवाज़…. Aadami Jinda Rahe आदमी जिंदा रहे: दौलत राम प्रजापति Aadami Jinda Rahe : ग़ज़ल उतनी सीधी नहीं होती जितनी हम समझते हैं। ग़ज़ल के शे’र पढ़कर हर पाठक अपने-अपने व्यवहार और विचार के अनुरूप उसका अलग-अलग अर्थ निकालता है। लेकिन शायर क्या कहना चाह रहा है, यह पाठक की पकड़ में आ जाए तो शे’र को पढ़ने का आनंद दुगुना हो जाता है। अब दौलत जी के ग़ज़ल संग्रह के शीर्षक को ही ले लीजिए। ‘आदमी जिंदा रहे’, इसका भाव क्या है? हर पाठक अपने मतानुसार इसका भाव समझेगा और समझायेगा। दौलत जी को लम्बे […] - [आदमी जिंदा रहे - दौलतराम प्रजापति | समीक्षा वेद प्रकाश वेद](https://hindishree.com/%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): “आदमी जिंदा रहे” में जितनी भी ग़ज़लें हैं सभी आप सबके सामने एक प्रतिबिंब उपस्थित करेंगी– वेद प्रकाश ‘वेद’ “आदमी जिंदा रहे”- दौलतराम प्रजापति सोशल मीडिया, फेसबुक, व्हाट्सएप आदि के माध्यम से आदरणीय- ‘दौलतराम प्रजापति जी’ की रचनाएं- नवगीत, गीत, ग़ज़लें आदि पढ़ने को अक्सर मिल ही जातीं और जब रचनाओं को पढ़ने लगता तो जैसे उसी में खो-सा जाता, सामने विषय-गत प्रतिबिंब नजर आता। उनकी एक-एक रचना को बार-बार पढ़ता। उनके लिखे भावों को महसूस करने की कोशिश करता और ऐसे ही रचनाएं पढ़ते-पढ़ते मन में तीव्र उत्कंठा हो चली कि उनकी और भी रचनाएं पढ़ने को मिले क्योंकि […] - [तन्हाइयों की महफ़िल | विमोचन | आशा दिनकर | हिंदी श्री | hindi shree](https://hindishree.com/%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%9e%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9a/): आशा दिनकर ने अपने लेखन से समृद्ध किया है साहित्य को – मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी ग़ज़ल संग्रह ‘तन्हाइयों की महफ़िल’ का हुआ विमोचन।    सभी रचनाकार लोक से जुड़े रहते हैं और लोक की ही बात रचनाओं में आती है- भोलानाथ कुशवाहा      मिर्ज़ापुर। आशा दिनकर द्वारा रचित ग़ज़ल संग्रह तन्हाइयों की महफ़िल का शनिवार को एक ऑनलाइन कार्यक्रम में विमोचन हुआ। इसके मुख्य अतिथि सोनभद्र के वरिष्ठ साहित्यकार व पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी रहे, अध्यक्षता  मिर्ज़ापुर के वरिष्ठ साहित्यकार व पत्रकार भोलानाथ कुशवाहा ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में गुवाहाटी से कवयित्री डॉ दीपिका सुतोदिया, आगरा से […] - [गीतांजलि श्री से एक मुलाकात | उषा राय | हिन्दी श्री | hindi shree](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%95/): मेरी हिन्दी मेरा धन है- गीतांजलि श्री अपने नए उपन्यास ‘रेत समाधि’की चर्चा के लिए लखनऊ आईं गीतांजलि श्री से मेरी मुलाकात हुई। निःसंन्देह गीतांजलि जी एक असाधारण लेखिका हैं जिसे जीवन के खाँचे और सरलीकरण परेशान करते हैं। वे मानती हैं कि जिन्दगी में कुछ भी निर्धारित नहीं है ,वह इधर से उधर होता रहता है क्योंकि वहाँ जीवन है और जीवन जितना दिखाई देता है उससे कहीं ज्यादा अपरिलक्षित रह जाता है। जीवन की खोज की यह अनुभूति नौ साल के गहन डूबन के बाद आई। इस उपन्यास में यह अनुभूति शिल्प, शैली, मुल्क, उम्र और यहाँ तक […] - [गीतांजलि श्री | अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार | टॉम्ब ऑफ़ सैंड | हिंदी श्री | booker award](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d/): गीतांजलि श्री के Tomb of Sand हिंदी उपन्यास ने पहला अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता चर्चित लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ ने हिंदी उपन्यास के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता है। यह उपन्यास मूल रूप से ‘रेत समाधि’ के रूप में प्रकाशित हुआ था। दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री और अमेरिकी अनुवादक डेजी रॉकवेल ने गुरुवार को अपने उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ के लिए अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता है। मूल रूप से हिंदी में लिखा गया, ‘रेत का मकबरा’ प्रतिष्ठित पुरस्कार जीतने वाली किसी भी भारतीय भाषा की पहली पुस्तक है। डॉ गीतांजलि श्री का जन्म उत्तर […] - [बौद्धिवृक्ष के नीचे | अजित कुमार राय | हिन्दी श्री hindi shree](https://hindishree.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): कविता- बौद्धिवृक्ष के नीचे बौद्धिवृक्ष के नीचे —-मैं तथागत हूँ —-तथा आगत , तथा गत ।बोधिसत्व से बुद्ध बनने की अंतर्यात्रातय होती है असंख्य जन्मों में ।ऊर्ध्वग ज्योति – शिखाएक दिन निर्वाण प्राप्त कर लेती है औरभोर का तारा डूबने के साथ हीकुछ डूब जाता है अपने भीतर ।अपने भीतर देखना ही तो विपश्यना है !साक्षी भाव से निर्भाव के बिन्दु से भावों का दर्शनचित्त को संस्कार शून्य बना देता है ।मन की संरचना के साक्षात्कार सेअमन की प्राप्ति होती है औरतृष्णा का क्षय होता है ।तृष्णा ही दुःखों का कारण है औरयही आर्य सत्य है ।सत्य को उसके मूल […] - [ग़ज़ल एकादश | विमोचन समारोह | संपादक डी एम मिश्र | हिंदी श्री | hindi shree](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b6-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b/): देश के जाने माने और चर्चित ग़ज़लकारों के ग़ज़ल संग्रह “ग़ज़ल एकादश” का विमोचन और ग़ज़लपाठ लोकप्रिय जनवादी ग़ज़लकार डॉ डी एम मिश्र ग़ज़ल एकादश के संपादक लोकप्रिय जनवादी ग़ज़लकार डॉ डी एम् मिश्र ग़ज़ल एकादश के संपादक साहित्य लेखन के लिए साधना के साथ अपने समय को समझना ज़रूरी है- डॉ जीवन सिंह ग़ज़ल जीवन के विविध आयामों को छू रही है- राम कुमार कृषक ग़ज़ल एकादश का तेवर अन्य किताबों से अलग है और यही इसकी विशेषता है- शैलेन्द्र चौहान     मिर्ज़ापुर। देश के जाने माने और चर्चित ग़ज़लकारों के ग़ज़ल संग्रह ‘ग़ज़ल एकादश’ का ‘हिंदी श्री’ के […] - [अहसासों का सफर | पुस्तक विमोचन | आशा दिनकर आस | हिन्दी श्री पब्लिकशन](https://hindishree.com/%e0%a4%85%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae/): ‘अहसासों का सफर’ पुस्तक का हुआ विमोचन।अहसासों का सफर पुस्तक की रचयिता चर्चित कवयित्री आशा दिनकर हैं।यह ग़ज़ल संग्रह हम सबके अहसासों का सफ़र है- भोलानाथ कुशवाहासाहित्यकार का हृदय एक ऐसा पिटारा है जिसमें आकाश की अनंतता समाहित होती है- डॉ बैजनाथ शर्मा मिन्टू अहसासों का सफर पुस्तक को खरीदने के लिए यहा क्लिक करें मिर्ज़ापुर, आशा दिनकर द्वारा रचित गजल संग्रह एहसासों का सफर पुस्तक का विमोचन मिर्ज़ापुर से ऑनलाइन किया गया। विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कतर के अप्रवासी भारतीय साहित्यकार व बेस्टी एजुकेसन के संस्थापक डॉ बैजनाथ शर्मा मिन्टू रहे। अध्यक्षता मिर्जापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा […] - [राजभाषा सहायिका | पुस्तक विमोचन | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b5/): ‘शिखर’ की पुस्तक “राजभाषा सहायिका” का  हुआ विमोचन(उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय में शिखर की पुस्तक ” राजभाषा सहायिका” का विमोचन संपन्न)वाराणसी, 1 अप्रैल,   एनटीपीसी के उतरी श्रेत्र मुख्यालय  में उप प्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के पुस्तक “राजभाषा सहायिका” ( मात्रृभाषा की ओर हिंदी के हर कदम… का विमोचन एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक देवाशीष सेन के करकमलों  द्वारा गुरुवार को आयोजित एक समारोह में संपन्न हुआ।कवि, लेखक एवं एक साहित्यकार के रूप में ख्यातिलब्ध रचनाकार ने अपनी पुस्तक “राजभाषा सहायिका” में केन्द्रीय कार्यालय के कर्मचारियों हेतु संविधान में निहित विविध राजभाषा प्रावधानों को संग्रहित कर […] - [जिंदगी को गुदगुदाते शब्द | विमोचन | अनूप कुमार | हिन्दी श्री पुब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6-2/): अनूप कुमार की ‘जिन्दगी को गुदगुदाते शब्द’ का विमोचन हुआ।आधुनिक काव्य लेखन के लिए आज के समय का अध्ययन जरूरी- भोलानाथ कुशवाहा।‘जिन्दगी को गुदगुदाते शब्द’ शब्दों की अभियांत्रिकी- अरविंद अवस्थीमिर्जापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अनूप कुमार द्वारा रचित जिंदगी को गुदगुदाते शब्द पुस्तक का विमोचन मिर्जापुर से किया गया। मुख्य अतिथि कैलिफोर्निया से हेमंत कुमार रहे। विशिष्ट अतिथियों में पुणे से नेहा सिंह मुंबई से वेद प्रकाश प्रजापति व मिर्ज़ापुर से अरविंद अवस्थी उपस्थित रहे। सभी ने पुस्तक ‘जिंदगी को गुदगुदाते शब्द’ के लिए अनूप कुमार को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन आनंद […] - [जन-मन | भोलानाथ कुशवाहा | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a8/): भोलानाथ कुशवाहा का दोहा संग्रह ‘जन-मन’ प्रकाशित छ: सौ दोहा वाली पुस्तक को ‘हिंदी श्री’ पब्लिकेशन ने छापा है। कवर पेज पर प्रयागराज के वरिष्ठ कवि व चित्रकार अजामिल व्यास का रेखांकन है। जनपद मिर्जापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा का दोहा संग्रह “जन-मन” प्रकाशित हुआ है। इसमें छ: सौ दोहे शामिल है। इसे ‘हिंदी श्री’ पब्लिकेशन ने छापा है। कवर पेज का रेखांकन प्रयागराज के वरिष्ठ कवि व चित्रकार अजामिल व्यास का है। पुस्तक की भूमिका अलवर के वरिष्ठ साहित्यकार जीवन सिंह व केबीपीजी कालेज, मिर्जापुर की हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ रेनूरानी सिंह ने लिखी है।     पुस्तक खरीदने के लिए यहाँ क्लिक करें –   […] - [बड़े मदारी अंधियारे हैं | आनंद रस | नवल किशोर गुप्त | आनंद अमित | हिन्दी श्री पब्लिकेशन ](https://hindishree.com/%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%86/): “बड़े मदारी अंधियारे हैं, अंधियारों को छलना होगा। अंगारों से आग लगेगी, दीपक बनकर जलना होगा।” इन पंक्तियों को पढ़कर पूरे विश्वास के साथ यह बात कही जा सकती है कि साहित्य जगत में एक दीपक और प्रकाशमान हो चुका है। अक्सर किसी बात की शुरुआत संभावनाओं से होती है परन्तु यहाँ पर मैं अपनी बात पूरे विश्वास से कह रहा हूँ क्योंकि आनंद प्रजापति “अमित” एक ऐसा नाम है जिनका काव्य संग्रह “आनंद रस” पढ़ने के बाद किसी को भी यह बात आसानी से समझ में आ सकती है कि आनंद जी की लेखनी कितनी सशक्त है।आनंद जी के अगर […] - [आख़िरी मंज़िल का  हुआ विमोचन |डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%83%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%95/): शहीद उद्यान में शिखर की काव्य संग्रह “आख़िरी मंज़िल” का विमोचन संपन्नवाराणसी, 30 जनवरी,    सिगरा स्थित शहीद उद्यान में एनटीपीसी के सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के काव्य संग्रह “आख़िरी मंज़िल” उर्फ “शिखर काव्य मंजूषा” का विमोचन दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, चेन्नई के पूर्व कुलपति प्रो. राम मोहन पाठक के करकमलों द्वारा रविवार को आयोजित एक समारोह में संपन्न हुआ।इसके पूर्व सभी प्रबुद्ध अतिथियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। कवि, लेखक एवं साहित्यकार के रूप में ख्यातिलब्ध रचनाकार ने अपनी पुस्तक “आख़िरी मंज़िल” में जीवन के विभिन्न पहलुओं […] - [ऐ चाँद ज़रा मुस्का देना | ऑनलाइन विमोचन | जय प्रकाश प्रजापति | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%90-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%a6-%e0%a5%9b%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%91%e0%a4%a8%e0%a4%b2/): ऐ चाँद ज़रा मुस्का देना का ऑनलाइन विमोचन मिर्ज़ापुर से-मिर्ज़ापुर। कोरोना के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर वरिष्ठ कवि जय प्रकाश प्रजापति की पुस्तक “ऐ चाँद ज़रा मुस्का देना” का विमोचन मिर्ज़ापुर से ऑनलाइन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कवि व DPO डॉ अमरेंद्र पोतस्यायन जालौन से जुड़े। कार्यक्रम की अध्यक्षता मिर्ज़ापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जालौन से चर्चित कवयित्री प्रिया श्रीवास्तव दिव्यम और मुम्बई से एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेस के डी जी एम वेद प्रकाश प्रजापति कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। ऐ चाँद ज़रा मुस्का देना पुस्तक के रचयिता […] - [ग़ज़ल एकादश पर डी एम मिश्र की संपादकीय | ग़ज़ल एकादश प्रकाशित | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%b6-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): मैंने जो महसूस किया मौजूदा दौर में कविता के विभिन्न रूपों में गजल सर्वाधिक लिखी, पढ़ी, सुनी और पसंद की जाने वाली विधा बन चुकी है।  दुष्यंत कुमार और उनके बाद अदम गोंडवी ने हिंदी कविता को गजल के रूप में वह सौगात सौंप  दी है जो युगों-युगों तक याद की जायेगी । यद्यपि हिंदी गजल दुष्यंत कुमार के आने  से पहले से ही शुरू हो चुकी थी , लेकिन प्रभावी ढंग से उसकी शुरुआत दुष्यंत कुमार से ही मानना  ठीक है , ऐसा मैं मानता हूं ।  उसकी चमक कभी फीकी नहीं पड़ने  वाली , और न उसके चाहने […] - [मांडवी के तट से उठीं आजादी के अमृत महोत्सव की स्वर-लहरियाँ | गोवा इकाई |](https://hindishree.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a0%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80/): माघ मास की सर्द संध्या में, सदा-सलिला मांडवी नदी के तट के सुरम्य साये में, साहित्य संगम संस्थान, नयी दिल्ली की गोवा इकाई के मंच पर आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाईन काव्य गोष्ठी ने सारा माहौल देशभक्ति के रस से सरोबार कर दिया। उत्साह और जोश से लबरेज संचालन के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से सम्मिलित कवियों ने अपनी राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत सुमधुर रचनाओं से ऐसा समाँ बाँधा कि लग रहा था मानो पुनीत मांडवी नदी के किनारे उठी अमृत महोत्सव की गूँज से सारा देश झंकृत हो रहा हो।इस ऑनलाईन काव्य-गोष्ठी की अध्यक्षता संस्थान […] - [ऑनलाइन पुस्तक विमोचन समारोह | मनहर दोहावली | आशा दिनकर | हिंदी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%91%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be/): कोरोना के बढ़ते प्रभाव को ध्यान में रखते हुए हिंदी श्री पटल पर दिल्ली की चर्चित कवयित्री ‘आशा दिनकर आस’ की पुस्तक ‘मनहर दोहावली’ का विमोचन रविवार को किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मिर्ज़ापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा ने किया। मुख्य अतिथि मिर्ज़ापुर के चर्चित कवि व लेखक डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव रहे। अति विशिष्ट अतिथि दिल्ली से डॉ अशोक कुमार मयंक, रामनिवास इंडिया व प्रेम नारायण टंडन रहे। मनहर दोहावली की रचयिता आशा दिनकर आस दिल्ली से कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन मिर्ज़ापुर से कुमारी सृष्टि राज ने किया। मनहर दोहावली पुस्तक का प्रकाशन हिंदी […] - [लोक डाउन कहानी संग्रह का विमोचन | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5/): मिर्जापुर, वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा के कहानी संग्रह “लोक डाउन” का विमोचन रविवार को अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा व हिंदी श्री मिर्जापुर के तत्वावधान  में नगर रोड स्थित भोला गार्डन में संपन्न हुआ इसमें होमगार्ड कमांडेंट बीके सिंह मुख्य अतिथि थे इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि थे जिला कृषि अधिकारी पवन कुमार प्रजापति व एबीएसए महेंद्र कुमार मौर्य इसके साथ ही मंचासीन थे लोक डाउन कहानी संग्रह के लेखक भोलानाथ कुशवाहा,  कुशवाहा महासभा के मिर्जापुर इकाई के अध्यक्ष आनंद सिंह, राजपति ओझा कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर मुहिम मिर्जापुरी ने की। संचालन वरिष्ठ कवि अरविंद अवस्थी ने किया इस दौरान […] - [शाश्वत योगिक खेती के लिए किसानों का सम्मान | प्रभु उपहार भवन ब्रह्माकुमारीज मीरजापुर | हिंदी श्री](https://hindishree.com/%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%95/): आज प्रभु उपहार भवन ब्रह्माकुमारीज मीरजापुर सेंटर में किसान सम्मान दिवस आयोजित की गई, कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से किया गया,तत्पश्चात अतिथियों ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज जो रासायनिक खेती की जा रही है उसको छोड़ कर शाश्वत योगिक खेती करने की जरूरत है और आगे कहा कि रासायनिक खेती कर कर के हम ने जमीन को उसर बना दिया है आज प्रकृति की भी जरूरत है कि प्राकृतिक एवं यौगिक खेती करें मंच का संचालन कर रहे प्रदीप भाई जी ने ब्रह्माकुमारीज के  कृषि एवं ग्राम विकास प्रभाग द्वारा किए जा रहे कार्यो से अवगत कराया […] - [डी एम मिश्र ने संजीव अमृत महोत्सव का किया भव्य आयोजन | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%8b/): संजीव अमृत महोत्सव समिति एवं सृजन पीठ साहित्यिक संस्था सुल्तानपुर की ओर से संजीव नागरिक अभिनंदन का कार्यक्रम सुल्तानपुर स्थित जिला परिषद सभागार में सम्पन्न हुआ जिसकी अध्यक्षता रांची से पधारे प्रख्यात आलोचक रविभूषण ने की। बस्ती से पधारे सुप्रसिद्ध कवि अष्टभुजा शुक्ल मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न हुआ। पहले सत्र में  नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम  का संचालन करते हुए कवि डी एम मिश्र ने संक्षेप में उनके कृतित्व व्यक्तित्व पर  प्रकाश डालते हुए कहा कि संजीव, प्रेमचंद की परंपरा के महत्वपूर्ण कथाकार हैं। अपनी कहानियों और उपन्यासों के जरिए उन्होंने सामाजिक बुराइयों पर जोरदार प्रहार किया है […] - [जीना इसी का नाम है | पुस्तक | अनिल कुमार राय | हिंदी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%85/): जीना इसी का नाम है पुस्तक यहाँ से खरीदें Click Here लेखक की बात- मैं मेहनतकश हूँ, मेहनत से गहरा नाता है,हारी बाजी को जीतना बखूबी हमें आता है। इस कविता संग्रह की प्रस्तावना लिखते हुए मुझे याद आ रहा है कि पहली बार मुझे कविता को नजदीक से देखने-सुनने का मौका अपने मामा जी स्वर्गीय श्री अम्बिका प्रसाद राय जी से मिला जो पश्चिम बंगाल में एक हिंदी स्कूल के प्राध्यापक थे। उन्होंने हिंदी कविता की कई किताबें लिखीं और हिंदी कविताओं को प्रमुख मंचो पर प्रस्तुत किया। तब मैं मात्र १०-१५ साल का था। उसके बाद मैं अपनी […] - [वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा मोहन राकेश पुरस्कार | साहित्यकारों ने दी बधाई | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be/): अब तक चार कविता संग्रह व एक नाटक “ईशा” व एक कहानी संग्रह “लोक डाउन”  हो चुके हैं प्रकाशित  मिर्जापुर। जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा मोहन राकेश सम्मान के लिए चयनित किया गया है। जिसके अंतर्गत 40 हजार रुपये व स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाएगा।  नगर के बाँकेलाल टंडन की गली, वासलीगंज मोहल्ले के निवासी 71 वर्षीय भोलानाथ कुशवाहा को नाटक विधा में “ईशा” नाटक के लिए यह पुरस्कार प्रदान किये जाने की घोषणा हुई है। इससे पूर्व उनके चार कविता संग्रह–कब लौटेगा नदी के उस पार गया आदमी (सन् 2007), जीना चाहता […] - [राजेश राज के दोहे | eBook | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a5%87-ebook-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80/): राजेश राज के दोहे eBook हिन्दी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित अपनों का मिलता रहे, स्नेह समादर प्यार |हर दिन हो उल्लासमय, हर दिन हो त्यौहार || राजेश राज विगत वर्ष की भांति “हिन्दी श्री पब्लिकेशन” के सौजन्य से इस बार भी लोकप्रिय आशु कवि व संचालक श्री राजेश राज जी के जन्मदिन पर एक अनुष्ठान किया गया | सुखद संयोग है कि इसमें प्रिय स्मिता श्रीवास्तव जी भी “जज़्बात के भवसागर से” अपने सहज उत्साह से हाँथ बंटाने, शामिल हों गईं| इस अवसर पर ई -बुक -” राजेश राज के दोहे” का लोकार्पण किया गया जो श्री राजेश राज द्वारा […] - [लोक तंत्र में आंदोलन की भूमिका | विचार गोष्टी | मिर्ज़ापुर](https://hindishree.com/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%82/): मिर्ज़ापुर, आज़ादी की 75वीं वर्ष गाँठ अमृत महोत्सव के अवसर पर माइनोरिटीज वेलफेयर सोसाइटी एवं हिंदी श्री पब्लिकेशन के सौजन्य से नारघाट स्तिथ शहीद उद्यान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में मुख्य अतिथि पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी व विशिष्ट अतिथि डॉ जिशाम अमीर रहीं। विचार गोष्ठी का संचालन मु. अशफाक खान ने किया।                 ‘लोक तंत्र में आंदोलन की भूमिका’ विषय पर आमंत्रित वक्ता डॉ ध्रूव पाण्डेय, अमानुल्ला अंसारी, शरद मेहरोत्रा, गोपाल कृष्ण द्विवेदी, मौलान नज्म अली खान, भूपेंद्र सिंह उंग, अरुण मिश्रा, मु. परवेज खान, सुभाष सिंह, […] - [ड्रीम्स एण्ड डिज़ायर्स | Dreams and Desires |अनन्या कुमार | Ananya Kumar | हिन्दी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित](https://hindishree.com/dreams-and-desires-ananya-kumar/): खुश रहें क्योंकि यह महत्वपूर्ण और आवश्यक है ड्रीम्स एंड डिज़ायर्स (Dreams and Desires) एक युवा कवयित्री अनन्या कुमार की कविताओं का संकलन है, जिसमें बच्चों जैसी कल्पनाएं, और अहसास शामिल हैं। संक्षेप में, ये कविताएँ उनके सपनों और इच्छाओं को दर्शाती हैं। पुस्तक में विभिन्न रंगों और चित्रों को शामिल किया गया है जो कविता के विषयों के लिए सबसे उपयुक्त हैं, पाठक और उसके बीच संबंध स्थापित करने के लिए। पुस्तक में विभिन्न विषयों पर कविताएं संकलित हैं। अनन्या कुमार की कविताओं को पढ़कर आप छोटी-छोटी बातों पर भटकने से लेकर आज की दुनिया के खतरनाक मुद्दों तक, […] - [वरिष्ठ गीतकार श्री राजेश राज जी के सम्मान में कविगोष्ठी | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%b6/): वरिष्ठ गीतकार श्री राजेश राज जी के सम्मान में 20 अगस्त को अनगढ़ स्थित सावित्री देवी जी के आवास पर कवि गोष्ठी रखी गयी। मुख्य अतिथि राजेश राज जी रहे। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता श्री भोलानाथ कुशवाहा ने की। जिला कृषि अधिकारी श्री पवन प्रजापति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। गोष्ठी का संचालन युवा कवयित्री कु. इला जायसवाल ने किया। कार्यक्रम का प्रारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मुख्य अतिथि श्री राजेश राज ने माल्यार्पण करके किया। हिंदी श्री पब्लिकेशन के द्वारा राजेश राज जी का सम्मान स्मृति चिन्ह व अंगवस्त्र प्रदान कर किया गया। ज्ञात हो कि […] - [चार पंक्तियाँ देश के नाम | भोजपुरी गायक गोपाल राय के साथ | हिन्दी श्री पब्लिकेशन | 15 अगस्त](https://hindishree.com/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ad/): चार पंक्तियाँ देश के नाम चार पंक्तियाँ देश के नाम आप भी सुनाइए चार पंक्तियाँ देश के नाम 15 अगस्त को हिन्दी श्री यूट्यूब चैनल पर आयोजित होने वाला एक विशेष ऑनलाइन कार्यक्रम है। कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति होगी – भोजपुरी लोकगीतों के बेताज बादशाह गोपाल राय जी की गोपाल राय (लोकप्रिय भोजपुरी लोकगीत गायक) कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हिन्दी श्री यूट्यूब चैनल पर 15 अगस्त को दिन में 2:00 बजे से किया जाएगा । कार्यक्रम संरक्षक- श्री बेबाक जौनपुरी (अथ श्री महानंद रामायण के रचयिता), दिल्ली- आप एक प्रसिद्ध कवि हैं जो निरंतर विभिन्न टीवी चैनलों पर कविता सुनाने […] - [लोक डाउन | भोलानाथ कुशवाहा | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%be/): वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा का कहानी संग्रह” लोक डाउन ” प्रकाशितसाहित्यकारों ने दी बधाई अब तक चार कविता संग्रह व एक “ईशा” सीरियल नाटक हो चुके हैं प्रकाशितमिर्जापुर। जनपद के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा का कहानी संग्रह “लोक डाउन” प्रकाशित हुआ है। सन् 2021 में प्रकाशित इस ताजा कहानी संग्रह में समसामयिक व ज्वलंत विविध विषयों को लेकर लिखी गयी 13 कहानियाँ शामिल हैं। इन कहानियों में महिला विमर्श, श्रमिक विमर्श, दलित विमर्श, प्रेम संबंध आदि तत्कालिक विषयों को प्रमुखता से उठाया गया है। कहानी संग्रह “लोक डाउन” शीर्षक आज के लोक यानि समाज के द्वंद्व व उसकी गिरती स्थिति […] - [गुरु पूर्णिमा | रचनाएं | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/guru-purnima/): 1. गुरु गुरु तुम दीपक मैं अंधकार ,किए हैं मुझपे आप उपकार, पड़ा है मुझपर ज्ञान प्रकाश,बना है जीवन ये उपवास, करें नित मुझ पर बस उपकार ,सजे मेरा जीवन घर द्वार, गुरु से मिले जो ज्ञान नूर,हो जाऊं मैं जहां में मशहूर गुरु से मिले हैं जो मार्गदर्शन,हो गए हैं मुझे भगवान के दर्शन गुरु तुम दीपक मैं अंधकार,किए हैं मुझपे आप उपकार -धीरेंद्र सिंह नागा 2. अध्यापक जीवन की कठिन राह में चलना हमको सिखाते।अच्छाई की राह हमको अध्यापक ही बतलाते।। जीवन वैसे बहुत जटिल था पर उन्होंने आसान बनाया।मेरे जीवन बंजर भूमि पर उन्होंने उपवन सा सजाया।। […] - [लॉकडाउन पार्क | विमोचन |आयुष्मती आयुष | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/lockdown-park-vimochan/): साहित्य व साहित्यकार हमेशा प्रेरणादायी रहे हैं : माननीय ऊर्जा राज्य मंत्री (मुख्य अतिथि)मा. श्री रमाशंकर सिंह पटेल ने किया “लाकडाउन पार्क” काव्य संग्रह का विमोचन मिर्जापुर। प्रदेश के ऊर्जा राज्य मंत्री मा. श्री रमाशंकर सिंह पटेल ने कवयित्री आयुष्मती प्रजापति ‘आयुष’ के काव्य संग्रह ‘लाकडाउन पार्क” का बुधवार को स्थानीय भोला गार्डेन में विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहाकि साहित्य और साहित्यकार हमेशा लोगों के लिए मार्गदर्शक एवं प्रेरणा के स्रोत होते हैं। मुझे व्यक्तिगतरूप से साहित्य से लगाव है। मैं साहित्यकारों की भावनाओं को समझने की बराबर कोशिश करता हूँ क्योंकि वे वास्तविकता से रूबरू कराते हैं। […] - [चुनाव क्यों और कैसे | Chunav Kyo Aur Kaise | मनोज शर्मा | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/chunav-kyo-aur-kaise/): चुनाव क्यों और कैसे? ( Chunav Kyo Aur Kaise ) सबसे पहले हमें चुनाव का अर्थ, तात्पर्य तथा परिभाषा को समझना जरूरी है, कि वास्तविकता के ध्येय से चुनाव क्या है ? किसे चुनना है ? क्यों चुनना है ? इस चुनाव से सम्बन्धित व्यक्ति की हमारे भारतवर्ष जैसे गणतांत्रिक देश के लिए क्या जवाबदेही है ? चुनाव का मतलब है निर्णय लेना, छांटना, पसंद करना तथा अपने सही विचारों का मंथन करना. चुनाव किसी भी चीज या व्यक्ति का हो सकता है पर निर्णय तो मनुष्य को अपनी तीक्ष्ण बुद्धि के द्वारा ही लेना होता है. चुनाव या चुनाव […] - [Nav Abhivyakti नव अभिव्यक्ति ई-बुक का हुआ विमोचन | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/nav-abhivyakti/): मिर्ज़ापुर, वरिष्ठ साहित्यकार श्री भोलानाथ कुशवाहा के संपादन में हिंदी श्री पब्लिकेशन से प्रकाशित ई-बुक ‘नव अभिव्यक्ति’ का विमोचन रविवार को मुख्य अतिथि श्री राजेश राज जी के करकमलों द्वारा किया गया। मुख्य अतिथि मशहूर संचालक व कवि श्री राजेश राज ने अपने संबोधन में कहा कि, “कविता हम सभी को एक सूत्र में जोड़ती है।” विमोचन समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री राजपति ओझा रहे। अध्यक्षता रायबरेली के वरिष्ठ साहित्यकार श्री जय चक्रवर्ती जी ने की। चक्रवर्ती जी ने संबोधित करते हुए कहा, “आने वाला समय ई-बुक और इलेक्ट्रॉनिक पब्लिकेशन का है।” ई-बुक के संपादक वरिष्ठ साहित्यकार श्री भोलानाथ कुशवाहा […] - [लॉक डाउन पार्क | आयुष्मती आयुष | हिन्दी श्री पब्लिकैशन | lock down park | hindi shree publication |](https://hindishree.com/%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%95-%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%86/): शीघ्र प्रकाशित होने वाली है आयुष्मती आयुष की “लॉक डाउन पार्क” ( Lock Down Park ) काव्य संग्रह शीघ्र प्रकाशित होने वाली आयुष्मती आयुष की “लॉक डाउन पार्क” ( Lock Down Park ) काव्य संग्रह के बारे में डॉ अनुराधा शुक्ला मिश्रा के विचार परम्परा ? परिपाटी ? प्राण रक्षा ? सुयोग से बहन आयुष की रचनाओं पर दृष्टि डालने का अवसर मिला । परिपाटी के तहत “दो शब्दों” के अनुरोध के साथ । मैंने किंचित असमंजस्य जन्य जड़ता का अनुभव किया कि क्या लिखूँ ?—— आलोचना, समालोचना अथवा प्रशंसा ? और तीनों ही परिस्थितियों में मुझे अधूरेपन और अन्याय […] - [नव अभिव्यक्ति | Nav Abhivyakti eBook | संपादक भोलानाथ कुशवाहा | हिन्दी श्री | hindi shree publication](https://hindishree.com/nav-abhiyakti/): Nav Abhivyakty eBook- नव अभिव्यक्ति ईबुक – संपादक- भोलानाथ कुशवाहा Nav Abhivyakti eBook (नव अभिव्यक्ति ईबुक) के बारे इस पुस्तक के संपादक श्री भोलानाथ कुशवाहा जी के विचार- समय के साथ चलते लोग। समय के साथ चलते लोग आज की परिस्थिति में जबकि कोरोना वैश्विक महामारी से हाहाकार मचा है, लोगों का मिलना-जुलना मुश्किल हो गया है और बार-बार लाक डाउन व कर्फ्यू के हालात बन रहे हैं, तब रचनाकारों के पास वर्चुवल संपर्क का विकल्प ही शेष रह गया है। इसलिए पिछले लगभग एक वर्ष से कवियों और लेखकों का अपनी अपनी रचनाओं के आदान-प्रदान व प्रस्तुति का माध्यम […] - [कुछ एहसास | वी पी प्रजापति | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/kuchh_ehsaas/): हिन्दी श्री पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित कविता संग्रह “कुछ एहसास” का विमोचन मिर्जापुर से अनलाइन किया गया। मुख्य अतिथि एयर इंडिया सर्विसेज लिमिटेड के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शरद अग्रवाल (दिल्ली) थे। संग्रह का विमोचन करते हुए उन्होंने कहा की वेद प्रकाश प्रजापति द्वारा लिखी गई यह कृति बहुत संवेदनशील विषय को उद्घाटित करती है। उन्होंने कहा की इस संग्रह में रचनाकार द्वारा अवकाश प्राप्त कर रहे लोगों की विदाई के अवसर पर लिखी गई कविताएं शामिल की गई हैं, जो की बहुत भावुकता का क्षण होता है। “कुछ एहसास” में कवि की अपनी बात यह कविता-संग्रह कुछ उन व्यक्तियों की विशेषताओं पर […] - [योग दिवस पर लिखित रचनाएं | हिन्दी श्री पब्लिकेशन](https://hindishree.com/%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%82-%e0%a4%b9/): 1. योग-दिवस जैष्ठ शुक्ल , एकादशी , चंद्रवार की भोरआज विश्व में उठ रहा,योगदिवस का शोरयोगदिवस का शोर , शोर क्या महाशोर हैआज हिन्द के हाथ में जिसकी मूल डोर है योग किया तो शिवशंकर ,महादेव कहलाएउसी योग के बली कन्हैया,योगेश्वर बनपाएयोगेश्वर बन पाए कीना , महायोग हनुमानाउसीयोग से रामदेव को,जाने आज जमाना रामूभैया अकट सत्य है, जो भी योग करेगारोगशून्य होकर वह योगी , आयु दीर्ध वरेगा -रामू भैया 2. योग दिवस योग से सुन्दर कायायोग में जो नहायामन ,चित से शान्त पायानिरोगी अपने को बनाया।। योग है मन की साधनाजो बल बुद्धि करे एकाग्रताओम की ध्वनि से हो […] - [पिता दिवस पर बेहतरीन कवितायें | हिन्दी श्री पब्लिकैशन](https://hindishree.com/%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): 1. पिता केवल वृक्ष नहीं वटवृक्ष हो तुम।जिस की शाखा मैं वह वृक्ष हो तुम।। तुमने कितने नाजों से हमको पाला है।जब हम टूटे तुम्हीं ने हमें संभाला है।। जब घर से अकेले निकले थे तब भी तेरा साया था।जब पड़ी विपत्ति हम पर तब तुम ही ने संभाला था।। तुम्ही ने बचपन में मेरा पहला कदम उठाया था।मैं भी कुछ हूं इस दुनिया में यह एहसास कराया था।। मेरे अस्तित्व की खातिर तुम दुनिया से लड़ते हो।मुझ पर कुछ भी आँच न आए हर पल इससे डरते हो।। जब भी कोई कष्ट पड़े ढांढस तुम्ही बधाते हो।उस विपदा से […] ## Pages - [Hindi Shree Writers](https://hindishree.com/hindi-shree-writers-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%95/): हमारे लेखक – Hindi Shree Writers – हिंदी श्री पब्लिकेशन के समृद्ध लेखकों के बारे में पूरी जानकारी के लिए उनके फोटो या नाम पर क्लिक करिए . V P Prajapati Ayushmati Ayush Anoop Kumar Bholanath Kushwaha Pt. Anitya Narayan Mishra Asha Dinkar Aas Ananya Kumar Dadu Prajapati Dr. Sonali Mehta Anil Ankit Rajesh Raj Anand Sandhidoot Dr. Mithilesh K. Srivastav Anand Amit Bharat Kesari Shikshak Dr. Jay Prakash Prajapati Kedarnath Savita Shibbu Ghazipuri Dr.D M Mishra Basant Ram PCS Dr Rakhi Agrawal Swami Dakshinamoorthy Pramod Kumar Suman Arvind Awasthi Dr. Ramdeo Pandit Ramashankar Singh Yadav Radha Goyal Ramraj Rajsathani […] - [Book Publishing Scheme of Hindi Shree Publication](https://hindishree.com/book-publishing-scheme-of-hindi-shree-publication/): Book Publishing Scheme- हिंदी श्री पब्लिकेशन की पुस्तक प्रकाशन की विभिन्न योजनाएं-  हिंदी श्री पब्लिकेशन- संक्षिप्त विवरण ( Introduction of Hindi Shree Publication ) 1. हिंदी श्री पब्लिकेशन ने बुक पब्लीशिंग के क्षेत्र में अभी तक 100 से अधिक लेखकों को अपनी सेवाएं उपलब्ध करवा चुका है। कई लेखक हैं जिन्होंने इस पब्लिकेशन से अपनी 5 से 6 पुस्तकें प्रकाशित करवा चुके हैं। 2. हिंदी श्री पब्लिकेशन किताब की क्वालीटि एवं उत्तम सेवाओं के लिए जाना जाता है।  3. हमारी पुस्तक योजना 8200 से प्रारंभ होती है। जो आगामी 31 दिसंबर 2023 तक के लिए लागू की गई है।  4. […] - [Sakal Dev Sahitya Samman Yojna](https://hindishree.com/sakal-dev-sahitya-samman-yojna/): Sakal Dev Sahitya Samman Yojna – सकल देव साहित्य सम्मान योजना- Sakal Dev Sahitya Samman Yojna सकल देव साहित्य सम्मान पद्य और गद्य विधाओं में एक-एक चयनित युवा रचनाकार को दिया जाता है।सकल देव साहित्य सम्मान (पद्य)-1 रचनाकारसकल देव साहित्य सम्मान (गद्य)-1 रचनाकार नियम व शर्तें-1. सकल देव साहित्य सम्मान (Sakal Dev Sahitya Samman)युवा रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए है।2. यह सम्मान स्व. सकल देव (नायब सूबेदार) की स्मृति में वर्ष 2023 से प्रदान किया जाता है।2. यह सम्मान युवा रचनाकरों को उनकी पहली पुस्तक की पाण्डु लिपि के चयनित होने पर दिया जाता है।3. पद्य और गद्य दोनों […] - [Search ISBN](https://hindishree.com/search-isbn/): Search ISBN On New and OLD Portal of RRRNAI Raja Rammohan Rai National Agency for ISBN have two Portal for ISBN. OLD Portal was Launch on 17.04.2016. In July 2020 New Portal was Launched. Now ISBN Application is accepted only new portal. But ISBN applied on OLD portal showing their, so search Accordingly. ISBN Search ( New Portal) Click Here ISBN Search ( OLD Portal ) Click Here - [अपनी रचना भेजें](https://hindishree.com/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82/): अपनी रचना भेजें इस प्रकार अपनी रचना भेजें 1. hindishree.com पर अपनी रचना भेजने के लिए नीचे दिए गए फॉर्म में Post Title के खाने में अपनी कविता का विषय और अपना नाम लिखें। 2. Antispam Question में दिये गये प्रश्न का उत्तर लिखें. 3. Post Category में से अपनी रचना की केटेगरी चुनकर उस पर क्लीक करें। यदि आपकी रचना की category नहीं मिल रही है तो कोई भी एक category चुन लें। 4. अपनी रचना Post Comment में हिंदी में लिखें। कोशिश करें की ४ से ५ रचनाएं हों। 5. पर क्लिक करके अपनी फोटो अपलोड करें। फोटो […] - [Contact](https://hindishree.com/contact-2/): Contact Me Get In Touch Proin gravida nibh vel velit auctor aliquet aenean sollicitudin, lorem quis bibendum auctor nisi elit consequat ipsum. 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