हिंदी श्री के माध्यम से पूर्वांचल के लेखक वैश्विक फलक पर बना रहे पहचान – डॉ संगीता बलवंत
डॉ संगीता बलवंत ने किया विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री के स्टॉल का उद्घाटन
डॉ संगीता बलवंत ने छांव की तलाश, लेबर चौक और शिखर बीते लम्हे पुस्तकों का किया विमोचन

नई दिल्ली, 11 जनवरी, विश्व पुस्तक मेला- 2026, हिंदी श्री पब्लिकेशन के स्टॉल पर हिंदी श्री पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों छांव की तलाश, लेबर चौक एवं शिखर: बीते लम्हें का विमोचन माननीया संगीता बलवंत, राज्य सभा सांसद व अन्य अतिथियों के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ। विशिष्ट अतिथि वेद प्रकाश प्रजापति (महाप्रबंधक, ए आई ई एस एल), निकष प्रकाशन के संस्थापक अशोक सिंह सत्यवीर, गोपाल जी राय (रिटा. राजपत्रित अधिकारी, सूचना विभाग), साहित्यकार अनिल अंकित रहे। आयुष्मति आयुष और स्नोरतन ने मुख्य अतिथि का स्वागत अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया।

माननीया सांसद महोदया ने तीनों पुस्तकों के रचनाकारों के साथ-साथ हिंदी श्री पब्लिकेशन को शुभ कामनाएं दीं। और कहा कि हिंदी श्री पब्लिकेशन पूर्वांचल के लेखकों को भारत सरकार की संस्था नेशनल बुक ट्रस्ट के सौजन्य से आयोजित विश्व पुस्तक मेला में पहुंचा रहा है। जिससे पूर्वांचल के लेखकों की पहुंच वैश्विक स्तर के पाठकों तक हो रही है। इस अवसर पर विमोचित पुस्तकों आयुष्मती आयुष कृत ‘छांव की तलाश’ में समसामयिक कविताओं का संग्रह है, शिब्बू ग़ाज़ीपुरी कृत लेबर चौक में संवेदनायुक्त कहानियां हैं तथा डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ कृत’ पुस्तक “शिखर: बीते लम्हें” में शिखर की यादों के समेटे फोटोग्राफ्स शीर्षक सहित संजोई गई हैं।

अतिथियों के शुभकामनाओं के साथ सभी साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं के संबंध में संक्षिप्त प्रकाश डाला। ज्ञात हो कि दस से अठारह जनवरी तक चलने वाले विश्व पुस्तक मेले की एंट्री इस वर्ष नि:शुल्क कर दी गई है। कार्यक्रम का संयोजन मिर्जापुर के चर्चित साहित्यकार आनंद अमित ने तथा संचालन स्क्रिप्ट राइटर शिब्बू गाजीपुरी ने किया।
