गीतांजलि श्री से एक मुलाकात | उषा राय | हिन्दी श्री | hindi shree

गीतांजलि श्री_उषा राय

मेरी हिन्दी मेरा धन है- गीतांजलि श्री अपने नए उपन्यास ‘रेत समाधि’की चर्चा के लिए लखनऊ आईं गीतांजलि श्री से मेरी मुलाकात हुई। निःसंन्देह गीतांजलि जी एक असाधारण लेखिका हैं जिसे जीवन के खाँचे और सरलीकरण परेशान करते हैं। वे मानती हैं कि जिन्दगी में कुछ भी निर्धारित नहीं है ,वह इधर से उधर होता […]

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गीतांजलि श्री | अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार | टॉम्ब ऑफ़ सैंड | हिंदी श्री | booker award

गीतांजलि श्री

गीतांजलि श्री के Tomb of Sand हिंदी उपन्यास ने पहला अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता चर्चित लेखिका गीतांजलि श्री के उपन्यास ‘टॉम्ब ऑफ सैंड’ ने हिंदी उपन्यास के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीता है। यह उपन्यास मूल रूप से ‘रेत समाधि’ के रूप में प्रकाशित हुआ था। दिल्ली की लेखिका गीतांजलि श्री और अमेरिकी अनुवादक

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बौद्धिवृक्ष के नीचे | अजित कुमार राय | हिन्दी श्री hindi shree

अजित कुमार राय

कविता- बौद्धिवृक्ष के नीचे बौद्धिवृक्ष के नीचे —-मैं तथागत हूँ —-तथा आगत , तथा गत ।बोधिसत्व से बुद्ध बनने की अंतर्यात्रातय होती है असंख्य जन्मों में ।ऊर्ध्वग ज्योति – शिखाएक दिन निर्वाण प्राप्त कर लेती है औरभोर का तारा डूबने के साथ हीकुछ डूब जाता है अपने भीतर ।अपने भीतर देखना ही तो विपश्यना है

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ग़ज़ल एकादश | विमोचन समारोह | संपादक डी एम मिश्र | हिंदी श्री | hindi shree

ग़ज़ल-एकादस-विमोचन

देश के जाने माने और चर्चित ग़ज़लकारों के ग़ज़ल संग्रह “ग़ज़ल एकादश” का विमोचन और ग़ज़लपाठ लोकप्रिय जनवादी ग़ज़लकार डॉ डी एम मिश्र ग़ज़ल एकादश के संपादक लोकप्रिय जनवादी ग़ज़लकार डॉ डी एम् मिश्र ग़ज़ल एकादश के संपादक साहित्य लेखन के लिए साधना के साथ अपने समय को समझना ज़रूरी है- डॉ जीवन सिंह ग़ज़ल जीवन

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अहसासों का सफर | पुस्तक विमोचन | आशा दिनकर आस | हिन्दी श्री पब्लिकशन

आशा दिनकर आस

‘अहसासों का सफर’ पुस्तक का हुआ विमोचन।अहसासों का सफर पुस्तक की रचयिता चर्चित कवयित्री आशा दिनकर हैं।यह ग़ज़ल संग्रह हम सबके अहसासों का सफ़र है- भोलानाथ कुशवाहासाहित्यकार का हृदय एक ऐसा पिटारा है जिसमें आकाश की अनंतता समाहित होती है- डॉ बैजनाथ शर्मा मिन्टू अहसासों का सफर पुस्तक को खरीदने के लिए यहा क्लिक करें

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राजभाषा सहायिका | पुस्तक विमोचन | हिन्दी श्री पब्लिकेशन

राजभाषा सहायिका

‘शिखर’ की पुस्तक “राजभाषा सहायिका” का  हुआ विमोचन(उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय में शिखर की पुस्तक ” राजभाषा सहायिका” का विमोचन संपन्न)वाराणसी, 1 अप्रैल,   एनटीपीसी के उतरी श्रेत्र मुख्यालय  में उप प्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के पुस्तक “राजभाषा सहायिका” ( मात्रृभाषा की ओर हिंदी के हर कदम… का विमोचन एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र के

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जिंदगी को गुदगुदाते शब्द | विमोचन | अनूप कुमार | हिन्दी श्री पुब्लिकेशन

जिंदगी को गुदगुदाते शब्द

अनूप कुमार की ‘जिन्दगी को गुदगुदाते शब्द’ का विमोचन हुआ।आधुनिक काव्य लेखन के लिए आज के समय का अध्ययन जरूरी- भोलानाथ कुशवाहा।‘जिन्दगी को गुदगुदाते शब्द’ शब्दों की अभियांत्रिकी- अरविंद अवस्थीमिर्जापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा की अध्यक्षता में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में अनूप कुमार द्वारा रचित जिंदगी को गुदगुदाते शब्द पुस्तक का विमोचन मिर्जापुर से

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जन-मन | भोलानाथ कुशवाहा | हिन्दी श्री पब्लिकेशन

जन-मन

भोलानाथ कुशवाहा का दोहा संग्रह ‘जन-मन’ प्रकाशित छ: सौ दोहा वाली पुस्तक को ‘हिंदी श्री’ पब्लिकेशन ने छापा है। कवर पेज पर प्रयागराज के वरिष्ठ कवि व चित्रकार अजामिल व्यास का रेखांकन है। जनपद मिर्जापुर के वरिष्ठ साहित्यकार भोलानाथ कुशवाहा का दोहा संग्रह “जन-मन” प्रकाशित हुआ है। इसमें छ: सौ दोहे शामिल है। इसे ‘हिंदी श्री’ पब्लिकेशन ने छापा है। कवर पेज का

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बड़े मदारी अंधियारे हैं | आनंद रस | नवल किशोर गुप्त | आनंद अमित | हिन्दी श्री पब्लिकेशन 

आनंद रस

“बड़े मदारी अंधियारे हैं, अंधियारों को छलना होगा। अंगारों से आग लगेगी, दीपक बनकर जलना होगा।” इन पंक्तियों को पढ़कर पूरे विश्वास के साथ यह बात कही जा सकती है कि साहित्य जगत में एक दीपक और प्रकाशमान हो चुका है। अक्सर किसी बात की शुरुआत संभावनाओं से होती है परन्तु यहाँ पर मैं अपनी बात

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आख़िरी मंज़िल का  हुआ विमोचन |डॉ मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव | हिंदी श्री पब्लिकेशन

आख़िरी मंज़िल

शहीद उद्यान में शिखर की काव्य संग्रह “आख़िरी मंज़िल” का विमोचन संपन्नवाराणसी, 30 जनवरी,    सिगरा स्थित शहीद उद्यान में एनटीपीसी के सहायक प्रबंधक (मानव संसाधन) डॉ. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’ के काव्य संग्रह “आख़िरी मंज़िल” उर्फ “शिखर काव्य मंजूषा” का विमोचन दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, चेन्नई के पूर्व कुलपति प्रो. राम मोहन पाठक

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