अविशा की पुस्तक अंतिम मुकदमा का विमोचन और कवि सम्मेलन हुआ आयोजित
अंतिम मुकदमा एक उत्कृष्ट रचना है जिसको बड़ी कम उम्र में अविशा मौर्या ने कल्पना के सूत्रों में पिरोया, बिंबो प्रतीकों से अपनी बात रखी है – नरेंद्र बहादुर सिंह पंकज 14 साल की उम्र में अविशा ने अंतिम मुकदमा में युद्धों के कारण और निवारण दोनों पर अपनी कलम चलाई है – आनंद अमित
अविशा की पुस्तक अंतिम मुकदमा का विमोचन और कवि सम्मेलन हुआ आयोजित Read More »

