‘ग़ज़लों के मीनार के ग्यारह बाशिन्दे’ -ग़ज़ल एकादश. संपादक : डी एम मिश्र
लेखक – प्रोफेसर डॉ0 राधेश्याम सिंह दोहा बोला ग़ज़ल से, आ जा मेरी जान,तू आई है अरब से, मैं हूँ हिन्दुस्तान।। (कविता रहस्य- कृष्ण कल्पित) यह सही है कि ईरान के परिवेश में पली बढ़ी ग़ज़ल की यह विधा जब उत्तर के सूफियों और दक्षिण के वली दकनी के अपने पड़ावों पर ठहरती हुई, हिन्दी […]
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