भव्य पुस्तक विमोचन समारोह | हिन्दी श्री पब्लिकशन

भव्य पुस्तक विमोचन समारोह

श्री रमाशंकर सिंह यादव कृत 1. किस्सागोई और 2.नारी संसार
श्री आनंद अमित कृत 1. रेलवे फाटक 2. भोर क चिरई

कुल चार पुस्तकों के भव्य विमोचन का सफल आयोजन
सच्चा साहित्य वह है जो संस्कार एवं परिवार की बातें करे’- मा. पं रत्नाकर मिश्रा (मा. विधायक, नगर)
यह कविता में लोक की वापसी का समय है- श्री गणेश गंभीर

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.नारी संसार
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किस्सागोई
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भोर क चिरई
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रेलवे फाटक

नगर के भरूहना स्थित माँ विन्ध्यवासिनी महाविद्यालय सभागार में ‘हिन्दी श्री’ प्रकाशन के तत्वावधान में आयोजित पुस्तक विमोचन समारोह में प्रकाशन से सद्यः प्रकाशित रमाशंकर यादव के काव्य-संग्रह ‘नारी संसार’ एवं लोकभाषा में रचित ‘किस्सागोई’ एवं आनन्द अमित का कहानी संग्रह ‘रेलवे फाटक’ व लोकभाषा में रचित काव्य-संग्रह ‘भोर क चिरई’ के लोकार्पण के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर विधायक मा0 रत्नाकर मिश्रा ने यह कहा – सच्चा साहित्य वह है जो परिवार और संस्कार की बातें करे। अपने वक्तव्य में उन्होंने समाज में नारी की भूमिका एवं महत्व पर चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ साहित्यकार गणेश गम्भीर ने लोकार्पित पुस्तकों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा- ‘यह कविता में लोक की वापसी का समय है। लोकभाषा में रमाशंकर यादव एवं आनन्द अमित की पुस्तकों ने लोकसंस्कृति के संरक्षण के साथ लुप्त होते लोकभाषा के शब्दों को बचाया है वहीं लोकपरम्पराओं से लोगों को पुनः जोड़ने का भी प्रयत्न किया है।‘‘
इससे पूर्व मुख्य अतिथि रत्नाकर मिश्र, कार्यक्रम अध्यक्ष गणेश गम्भीर, विशिष्ट अतिथि डॉ0 नीरज त्रिपाठी, कार्यक्रम संयोजक राजपति ओझा, वक्ताद्वय साहित्यकार राजेन्द्र त्रिपाठी ‘लल्लू तिवारी’ एवं रामललित शुक्ल द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। तत्पश्चात् कु0 जागृति गुप्ता द्वारा सरस्वती वंदना की गयी एवं युवा कवयित्री पूजा यादव द्वारा अतिथियों के सम्मान में स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। प्रारम्भ में हिन्दी श्री प्रकाशन द्वारा आये हुए अतिथियों का अभिनन्दन अंगवस्त्र, माल्यार्पण एवं स्मृति चिह्न भेंट कर किया गया एवं हिन्दी श्री की तरफ से युवा कवयित्री सृष्टि राज द्वारा प्रकाशन का परिचय देते हुए प्रकाशन की अब तक की यात्रा एवं प्रकाशन की योजनाओं के विषय में बताया गया। इसके उपरान्त मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचित पुस्तकों के लेखकों की साहित्यिक सेवा का सम्मान सम्मानपत्र, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर किया गया। सम्मान सत्र के पश्चात महर्षि विद्यालय प्रयागराज के सेवानिवृत्त व्याख्याता रामललित शुक्ल ने रमाशंकर यादव की विमोचित पुस्तकों ‘नारी संसार’ व ‘किस्सागोई’ पर अपना विस्तृत वक्तव्य दिया इसी क्रम में वरिष्ठ कवि लल्लू तिवारी ने आनन्द अमित की पुस्तकों ‘भोर क चिरई’ व ‘रेलवे फाटक’ पर लोकभाषा में अपने विचार प्रस्तुत किये।
कार्यक्रम में महिला काव्य मंच मिर्जापुर, मिर्जापुर फॉर्महाउस के पंकज दुबे व अभिनव श्रीवास्तव और टीम, प्रजापति समाज, भारत विकास परिषद मिर्जापुर व भागीरथी, मिलन कुमार आदि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें कार्यक्रम में उपस्थित कविगण पीयूष तिवारी, शिवाकांत पाण्डेय ‘साहित्य‘, सृष्टि राज, पूजा यादव, सारिका चौरसिया, केदारनाथ सविता, डॉ0 सुधा सिंह, आनन्द अमित, शुभम् श्रीवास्तव ओम एवं गणेश गम्भीर द्वारा काव्य-पाठ किया गया। कार्यक्रम के दोनों सत्रों का संचालन नवगीतकार शुभम् श्रीवास्तव ओम द्वारा किया गया। अभिनव श्रीवास्तव ने मिर्जापुर फॉर्महाउस के बारे में बताया। आभार कार्यक्रम संयोजक राजपति ओझा द्वारा ज्ञापित किया गया।
इस दौरान सर्व श्री बेनू यादव, धीरज सोनी, मिलन कुमार विंध्यवासिनी, राजेंद्र तिवारी, पंकज दुबे, मेवालाल, श्याम बाबू, अरविंद कुमार यादव, बालेश्वर प्रसाद यादव, हेमंत कुमार, विमल कुमार दुबे, कृष्ण गोपाल वर्मा, दीनानाथ प्रजापति, निरंजना देवी, संजीव कन्नौजिया, प्रीति सोनकर, जितेंद्र, कृष्ण मुरारी, केशरी नंदन, शिवशंकर प्रजापति, अभय अग्रहरी, रामजी गुप्ता, एस पी पाठक, अनिल चौरसिया, रमेश चंद मालवीय, अशोक केसरी, सृजन केसरी, वीरेंद्र कुमार यादव, शरद तिवारी, रामलखन प्रजापति, रामानंद प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, बीएसएनएल के अधिकारी राजेश यादव, सत्येंद्र सिंह, सुभाष वर्मा राजेश सोनकर, सुनील चौधरी, विपिन सिंह, ओम शिव, अरुणेश, अवनीश उपाध्याय, अभिनय श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

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