वाराणसी। राष्ट्रवादी हिंदी साहित्यकार मंच के तत्वावधान में दिनांक 6 सितंन्बर 2026, रविवार को क्लासिक कैफ़े लंका, वाराणसी में ‘पुस्तक समागम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य साहित्यकारों की प्रकाशित पुस्तकों का परिचय पाठकों एवं साहित्यप्रेमियों तक पहुँचाना तथा साहित्य, पुस्तकों और रचनाकारों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. हीरालाल मिश्र ‘मधुकर’ जी ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में साहित्य और पुस्तकों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए रचनाकारों को निरंतर साहित्य-सृजन के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि श्री अमितानंद जी, संस्थापक, हिंदी श्री साहित्यिक संस्था, रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में हिंदी साहित्य के विकास, पुस्तकों के महत्व तथा साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।कार्यक्रम में राष्ट्रवादी हिंदी साहित्यकार मंच के अध्यक्ष डॉ. दशरथ चौरसिया जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने साहित्यकारों एवं साहित्यप्रेमियों को संबोधित करते हुए हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार और पुस्तकों के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम का संचालन श्रीमती झरना मुखर्जी जी ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाते हुए उपस्थित रचनाकारों का परिचय कराया। श्रीमती झरना मुखर्जी जी के कविता-संग्रह ‘वास्तव में मन का उत्सव’ का भी इस अवसर पर परिचय कराया गया।कार्यक्रम में डॉ. दशरथ चौरसिया जी, श्रीमती झरना मुखर्जी जी एवं अन्य कवियों ने काव्य-पाठ किया। आमंत्रित रचनाकारों ने अपनी प्रकाशित पुस्तकों का परिचय उपस्थित साहित्यप्रेमियों से कराया तथा पुस्तकों की प्रतियाँ पुस्तकालय हेतु भेंट कीं।कार्यक्रम के दौरान साहित्य, पुस्तक-पठन, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने जैसे विषयों पर सार्थक संवाद हुआ। ‘पुस्तक समागम’ के माध्यम से साहित्यकारों, पाठकों और साहित्यप्रेमियों को एक साथ आने का अवसर प्राप्त हुआ।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रवादी हिंदी साहित्यकार मंच के अध्यक्ष डॉ. दशरथ चौरसिया जी ने सभी अतिभियों, रचनाकारों, कवियों एवं साहित्यप्रेमियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम साहित्य, पुस्तकों और रचनाकारों के बीच सार्थक संवाद के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता- पंडित श्री हीरालाल मिश्र ‘मधुकर’ जी
विशिष्ट अतिथि- श्री अमित आनंद (संस्थापक हिंदी श्री संस्थान)
