बोधि-पथ कार्यशाला में विशेषज्ञों ने रेखांकित किया पर्यावरण संरक्षण में बौद्ध दर्शन का महत्व।

बोधि-पथ कार्यशाला

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) और के.बी.पी.जी. कॉलेज, मीरजापुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय ‘बोधि-पथ कार्यशाला’ के चौथे दिन शुक्रवार को पर्यावरण और जीव संरक्षण में बौद्ध दर्शन की प्रासंगिकता को रेखांकित किया गया। प्रथम सत्र में काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी के इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर प्रवेश भारद्वाज

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सप्त दिवसीय बोधिपथ कार्यशाला 2026 का हुआ आयोजन

सप्त दिवसीय बोधिपथ कार्यशाला

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ, संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय बोधि पथ कार्यशाला 2026 का आयोजन के0 बी0 डिग्री कालेज, मीरजापुर के बीएड विभाग में किया गया।कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री लालबहादुर सरोज ने कहा कि बौद्ध धर्म का मध्यम मार्ग और पर्यावरण के प्रति अहिंसा का सिद्धांत आधुनिक

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डॉ. संगीता बलवंत ने किया विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री के स्टॉल का उद्घाटन

डॉ संगीता बलवंत

हिंदी श्री के माध्यम से पूर्वांचल के लेखक वैश्विक फलक पर बना रहे पहचान – डॉ संगीता बलवंतडॉ संगीता बलवंत ने किया विश्व पुस्तक मेले में हिंदी श्री के स्टॉल का उद्घाटनडॉ संगीता बलवंत ने छांव की तलाश, लेबर चौक और शिखर बीते लम्हे पुस्तकों का किया विमोचन नई दिल्ली, 11 जनवरी, विश्व पुस्तक मेला-

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आचार्य रामचंद्र शुक्ल जयंती विशेष

आचार्य रामचंद्र शुक्ल

मिर्जापुरमां विंध्यवासिनी की नगरी मिर्जापुर की मिट्टी,जल,वायु में पले, बढ़े हिंदी जगत के मूर्धन्य विद्वान साहित्य मनीषी आचार्य रामचंद्र शुक्ल जी की कर्मस्थली रमईपट्टी मिर्जापुर रही, जहां पर आपने सन 1893 से 1908 (15 वर्षों) तक रहकर हिंदी को हिंदी का स्वरूप प्रदान किया l जो आज भी सराहनीय व प्रसंशनीय है l आपका जन्म

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ब्रज लोक गीतों में बरसा ब्रज रस

ब्रज लोक गीतों में बरसा ब्रज रस

कला , साहित्य , संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार के सांस्कृतिक सृजन पखवाड़ा के अंतर्गत राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी, जयपुर और साहित्य मंडल, श्रीनाथद्वारा के संयुक्त तत्वावधान में ब्रजभाषा लोकगीत कार्यक्रम का आयोजन 29 सितंबर सोमवार को साहित्य मंडल के प्रेक्षागृह में भव्य तरीके से आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि

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साहित्य चेतना समाज द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण

साहित्य चेतना समाज

संस्था के तत्वावधान में गाजीपुर (मीरजापुर के लिए नीचे स्क्रॉल करें) में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं के सम्बन्ध में विस्तृत विवरण निम्नलिखित है- आयोजित होने वाली प्रतियागिताएँ संस्था के तत्वावधान में प्रति वर्ष सामान्य ज्ञान, निबन्ध, गणित, विचार-अभिव्यक्ति, चित्रकला, सामान्य हिन्दी ज्ञान, सामान्य अंग्रेजी ज्ञान, हिन्दी सुलेख, हिन्दी श्रुतलेख, अंग्रेजी सुलेख एवं

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अमानत

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हम अमानत किसी और की थे, खुद को, कभी चाह ही ना सके उनको पाना था या स्वयं को खोना हिसाब इसका हम लगा ही ना सके किस्से जिनके कल हमनें सुने थे सुनकर उनको, भुला ही ना सके बातों से इश्क़, सबको कहाँ होता हम चेहरा उनका दिखा ही ना सके लिखने को बातें

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प्रेमचंद को याद करते- करते कुछ जरूरी बातें | डॉ. हरेराम सिंह

प्रेमचंद

प्रेमचंद को जीवन की गहरी समझ थी । प्रेमचंद को जीवन की गहरी समझ थी । आप ज्यों-ज्यों सयाने होंगे, आपके पास एक संवेदनशील हृदय है तो निश्चित ही इस जीवन का रहस्य साफ- साफ दिखाई देगा । मनुष्यता के ऊँचे शिखर पर बैठे प्रेमचंद्र का हृदय दीपक की भाँति जल रहा था और अँधेरे

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बाल साहित्य में परीकथाओं की प्रासंगिकता | कृष्ण बिहारी पाठक

कृष्ण बिहारी पाठक

बाल साहित्य चाहे किसी भी देश-काल, समाज – संस्कृति का हो और वह चाहे किसी भी विधा में उपस्थित हो, बाल साहित्य कहलाने के लिए उसमें दो प्राथमिकताएं अवश्य तय होनी चाहियें। प्रथम तो यह कि वह बालकों के लिए हितकर हो तथा दूसरी यह कि वह रुचिकर हो। हितकर का संबंध उन पहलुओं से

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विश्व भाषाओं की रैंकिंग में हिन्दी प्रथम स्थान पर  –  कुछ विचारणीय तथ्य | डॉ.  जयंती प्रसाद नौटियाल

हिन्दी नं 1 स्थान पर

प्रस्तावना : विश्व में हिन्दी की रैंकिंग के संबंध में यह  शोध 1981 में शुरू हुआ और 1983 में इसका पहला संस्करण जारी हुआ जो दिल्ली में आयोजित तीसरे विश्व हिन्दी सम्मेलन में वितरित किया गया । उसके उपरांत हर दो वर्ष में 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर  इस शोध को

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