अंतिम मुकदमा एक उत्कृष्ट रचना है जिसको बड़ी कम उम्र में अविशा मौर्या ने कल्पना के सूत्रों में पिरोया, बिंबो प्रतीकों से अपनी बात रखी है – नरेंद्र बहादुर सिंह पंकज

14 साल की उम्र में अविशा ने अंतिम मुकदमा में युद्धों के कारण और निवारण दोनों पर अपनी कलम चलाई है – आनंद अमित
प्रयागराज। अविशा मौर्या ‘अवनि’ द्वारा रचित अंतिम मुकदमा का विमोचन होटल वी एन न्यू कॉलोनी दारागंज में रविवार को सम्पन्न हुआ। विमोचन कार्यक्रम हिंदी श्री साहित्य संस्थान और संगम साहित्य संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री नरेंद्र बहादुर सिंह पंकज और संचालन संदीप कुमार ‘बालाजी’ ने किया। मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में चर्चित साहित्यकार आनंद अमित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कवयित्री डॉ सीमा सिंह जौनपुर एवं डॉ अंजना कुमार, कानपुर की उपस्थिति रही। राजेश कुमार सरोज, अविशा मौर्या की मां निशा मौर्या (अध्यापिका) एवं पिता प्रदीप कुमार मौर्य (अध्यापक) ने विमोचन कार्यक्रम का संयोजन किया।

अपने वक्तव्य में अध्यक्षता कर रहे नरेंद्र बहादुर सिंह पंकज ने कहा कि अंतिम मुकदमा एक उत्कृष्ट रचना है जिसको बड़ी कम उम्र में अविशा मौर्या ने कल्पना के सूत्रों में पिरोया, बिंबो प्रतीकों से अपनी बात रखी। मुख्य अतिथि आनंद अमित ने कहा कि अविशा ने अंतिम मुकदमा में युद्धों के कारण और निवारण दोनों पर अपनी कलम चलाई है। 14 साल की उम्र में अविशा ने वरिष्ठों की तरह गंभीर लेखन किया है।

प्रसिद्ध ओजकवि डॉक्टर रणजीत सिंह जी प्रतापगढ एवं ओज एवं करुण रस के कवि डॉक्टर वीरेंद्र बहादुर सिंह कुसुमाकर जी ने रचनाकार अविशा मौर्या अवनि को बधाई देते हुए उत्कृष्ट काव्य पाठ किया। समाज सेवी विनोद कुमार सरोज (ए ए ओ) ने कहा कि नए-नए रचनाकारों का पटल पर आना न केवल साहित्य के लिए अपितु देश की संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण है। संचालक संदीप कुमार बालाजी ने कहा कि इस पुस्तक का आमुख लिखने का हमें सौभाग्य मिला यह मेरे लिए गौरव की बात है। जौनपुर से पधारे सुप्रसिद्ध गजलकार अजय विश्वकर्मा शान ने कहा कि निरंतर प्रयास से रचनाधर्मिता उत्तरोत्तर निखरती है। वरिष्ठ रचनाकार अरुण कुमार यादव आदित्य, चंद्रकांत भ्रमर भदोही से, सांवरिया जी भदोही से रचनाकार को बधाई देते हुए उत्कृष्ट काव्यपाठ किये। संयोजक राजेश कुमार सरोज (शिक्षक) ने अविशा मौर्या अवनि को बधाई दिया। संगम साहित्यिक संस्थान निगोह जौनपुर ने लेखिका अविशा मौर्या अवनि को प्रशस्ति पत्र व अंग वस्त्रम से सम्मानित किया। हिंदी श्री साहित्य संस्थान ने अविशा मौर्या को हिंदी श्री साहित्य सम्मान से सम्मानित किया।

इस भव्य कार्यक्रम में श्री योगेंद्र प्रताप श्रीवास्तव (उपाध्यक्ष संगम परिवार जौनपुर) श्री राज बहादुर सरोज लेखा परीक्षा अधिकारी, श्री आनंद कुमार पांडेय (ए ए ओ)श्री अशोक कुमार मौर्य (ए ए ओ), श्री धर्मेंद्र कुमार, श्री हरिलाल मौर्य श्री होरीलाल मौर्य अध्यापक,ठाकुर दिलीप सिंह, श्री चंद्रशेखर निषाद (बबलू भाई) जैसे लोगों की गरिमामयी उपस्थित निरंतर बनी रही। कार्यक्रम के अंत में आयोजक श्री प्रदीप कुमार मौर्य (शिक्षक) एवं श्रीमती निशा मौर्य अध्यापिका ने लोगों का आभार व्यक्त किया।

